नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत जरूरी खबर सामने आई है। इस समय सरकारी कर्मचारियों के बीच महंगाई भत्ते यानी डीए में बढ़ोतरी और नए वेतन आयोग को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। इस बीच काम कर रहे 8वें वेतन आयोग ने अपनी एक बहुत ही महत्वपूर्ण तारीख को आगे बढ़ा दिया है। इसके साथ ही अगले सप्ताह से कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर देश के अलग-अलग हिस्सों में बड़ी बैठकें भी शुरू होने जा रही हैं। अगर आप भी केंद्रीय कर्मचारी या पेंशनभोगी हैं, तो नए वेतन आयोग से जुड़े तीन बड़े अपडेट आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।
डाटा जमा करने की आखिरी तारीख अब 31 जुलाई
8वें वेतन आयोग की तरफ से जारी की गई एक आधिकारिक सूचना के मुताबिक सरकारी कर्मचारियों से जुड़ा जरूरी डाटा इकट्ठा करने वाले ऑनलाइन पोर्टल की समय-सीमा को अब 31 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। असल में केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों, विभागों और केंद्र-शासित प्रदेशों ने आयोग को बताया था कि वे पहले से तय किए गए समय के भीतर कर्मचारियों की पूरी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर जमा नहीं कर पाए हैं। इसके बाद आयोग ने सभी नोडल अधिकारियों को एक पत्र भेजकर कड़े निर्देश दिए हैं कि वे नई तारीख यानी 31 जुलाई तक हर हाल में सारी जरूरी जानकारियां ऑनलाइन अपलोड करना सुनिश्चित करें।
भुवनेश्वर और कोलकाता में होगी बड़ी बैठक
वेतन आयोग कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और नौकरी से जुड़े नियमों में सुधार करने के लिए देशव्यापी दौरे कर रहा है। इसी सिलसिले में आयोग अपनी अगली क्षेत्रीय और यूनियन बैठकें करने जा रहा है। आयोग की टीम 6 और 7 जुलाई को ओडिशा के भुवनेश्वर का दौरा करेगी। इसके बाद 9 और 10 जुलाई को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में अहम बैठकें आयोजित की जाएंगी। आयोग ने केंद्र सरकार के उन सभी संगठनों, संस्थानों और कर्मचारी यूनियनों को ऑनलाइन समय लेने के लिए आमंत्रित किया है, जो भुवनेश्वर दौरे के दौरान पैनल के सामने अपनी बातें और मांगें रखना चाहते हैं।
फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चाएं तेज
नए वेतन आयोग के गठन के साथ ही कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों के बीच फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी बहस बहुत तेज हो गई है। आसान भाषा में समझें तो फिटमेंट फैक्टर वह पैमाना या नंबर होता है, जिससे गुणा करके कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय की जाती है। इसी नंबर के आधार पर कर्मचारियों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी होती है। इस समय अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने इसे अलग-अलग गुना बढ़ाने की मांग की है। यूनियनों की यह मांग 1.82 गुना से लेकर 3.83 गुना के बीच है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले 7वें वेतन आयोग में इस पैमाने को 2.57 रखा गया था, जबकि 6वें वेतन आयोग के समय यह 1.86 गुना था।