नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले में शनिवार को बड़ा सुरक्षा घटनाक्रम सामने आया। प्रतिबंधित संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने जिवानी क्षेत्र में पाकिस्तान कोस्ट गार्ड के एक कैंप पर हमला किया। संगठन का कहना है कि इस हमले में 30 से अधिक जवानों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए हैं। हालांकि, इन दावों की पाकिस्तान सरकार या किसी स्वतंत्र एजेंसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
जिवानी के पनवान इलाके में हुआ हमला
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह हमला ग्वादर जिले के जिवानी क्षेत्र के पनवान इलाके में हुआ। बीएलए का दावा है कि पहले विस्फोटकों से भरे वाहन को कैंप के पास ले जाकर धमाका किया गया। इसके बाद हथियारबंद हमलावरों ने चारों तरफ से कैंप को घेरकर हमला किया। संगठन का कहना है कि विस्फोट से कैंप को भारी नुकसान पहुंचा।
बीएलए ने ली जिम्मेदारी
बीएलए के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई संगठन की विशेष इकाइयों ने की। संगठन ने दावा किया कि शुरुआती विस्फोट के बाद सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
वीडियो भी किया जारी
हमले के बाद संगठन से जुड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो भी साझा किया गया। वीडियो में कथित तौर पर एक वाहन को कैंप की ओर बढ़ते हुए दिखाया गया है। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई गई घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सरकारी बयान का इंतजार
घटना के बाद पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बल और स्थानीय प्रशासन पूरे घटनाक्रम का आकलन कर रहे हैं।
सुरक्षा बढ़ाई गई
हमले के बाद ग्वादर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह दावा सही साबित होता है, तो इससे बलूचिस्तान में पहले से मौजूद सुरक्षा चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।