मुकेश अंबानी की कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने ग्लोबल इंश्योरेंस दिग्गज आलियांज के साथ हाथ मिलाकर भारतीय बाजार में खलबली मचा दी है। 23 अप्रैल को बाजार खुलते ही जियो के शेयरों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं क्योंकि कंपनी ने सामान्य बीमा कारोबार के लिए 50:50 का ज्वाइंट वेंचर बनाने का फाइनल एग्रीमेंट साइन कर लिया है। दरअसल यह साझेदारी भारत के इंश्योरेंस सेक्टर की तस्वीर बदलने वाली मानी जा रही है।
आलियांज की वैश्विक ताकत और जियो का डिजिटल नेटवर्क
इस नए गठबंधन के तहत स्वास्थ्य बीमा समेत अन्य जनरल इंश्योरेंस उत्पाद पेश किए जाएंगे। गौरतलब है कि आलियांज यूरोप बी.वी. इस उद्यम में विदेशी साझेदार के तौर पर शामिल है। मैदानी सूत्रों का कहना है कि यह साझेदारी जियो की व्यापक डिजिटल पहुंच और आलियांज की वैश्विक विशेषज्ञता का एक घातक कॉम्बिनेशन साबित होगी। इतना ही नहीं दोनों कंपनियां भारत में लाइफ इंश्योरेंस बिजनेस शुरू करने के लिए भी एक अलग समझौते पर गंभीरता से काम कर रही हैं।
गिरते शेयरों के बीच जियो की नई संजीवनी
बीते छह महीनों में जियो फाइनेंशियल के शेयरों में करीब 23 फीसदी की भारी गिरावट देखी गई है। बुधवार को बीएसई पर शेयर मामूली बढ़त के साथ 238.40 के स्तर पर बंद हुआ था। रिलायंस इंडस्ट्रीज से अलग होने के बाद अगस्त 2023 में लिस्ट हुई इस कंपनी का मार्केट कैप वर्तमान में 1.51 लाख करोड़ रुपये है। विशेषज्ञों का मानना है कि आलियांज के साथ यह डील निवेशकों का भरोसा दोबारा जीतने में मददगार साबित हो सकती है।
कंपनी का वित्तीय रिपोर्ट कार्ड और भविष्य
मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी ने 134.79 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन रेवेन्यू और 80 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। पूरे वित्तीय वर्ष 2026 की बात करें तो कंपनी ने 681 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। फिलहाल इस ज्वाइंट वेंचर को नियामक मंजूरियों का इंतजार है लेकिन बाजार के जानकारों का दावा है कि आने वाले दिनों में जियो फाइनेंशियल का यह कदम प्रतिद्वंदी बीमा कंपनियों की नींद उड़ाने वाला है।