बिलासपुर: डिजिटल भुगतान के दौर में धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों के बीच बिलासपुर के तारबाहर क्षेत्र में एक बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। एक युवक ऑनलाइन पेमेंट का फर्जी स्क्रीनशॉट भेजकर अनाज व्यापारी से कई महीनों तक राशन मंगाता रहा। पांच महीने बाद जब व्यापारी ने बैंक खाते का मिलान किया, तब 17 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।
जानकारी के अनुसार, व्यापार विहार अनाज मंडी के थोक व्यापारी संदीप अग्रहरि से सारंगढ़ के भटगांव निवासी राजेंद्र खांडेकर अक्षांश किराना भंडार के नाम पर माल मंगवाता था। नवंबर 2025 से मार्च 2026 के बीच आरोपी ने कई बार ऑर्डर दिए। हर बार भुगतान के समय वह मोबाइल पर पैसे ट्रांसफर करने का फर्जी स्क्रीनशॉट भेज देता था। व्यापारी ने भरोसे में आकर माल ट्रांसपोर्ट के जरिए भिजवाना जारी रखा, लेकिन बाद में खातों की जांच करने पर पता चला कि 17 लाख 84 हजार रुपये का भुगतान खाते में पहुंचा ही नहीं है।
पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर तारबाहर थाना प्रभारी रविन्द्र अनंत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सारंगढ़ के भटगांव में दबिश दी और आरोपी राजेंद्र खांडेकर को हिरासत में लिया। पुलिस द्वारा कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने फर्जी स्क्रीनशॉट तैयार कर ठगी करने का अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए व्यापारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
