बलौदाबाजार। भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार जायसवाल की अदालत ने आरोपी किशोर वर्मा उर्फ दरुहा को 20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।
विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी के अनुसार, मामला अप्रैल 2024 का है, जब पीड़िता के भाई ने भाटापारा ग्रामीण थाने में बहन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। परिजनों ने आशंका जताई थी कि नाबालिग को कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसके बाद सितंबर 2024 में पीड़िता और आरोपी को परिजनों ने थाने में पेश किया।
पूछताछ के दौरान पीड़िता ने बताया कि ग्राम इटई निवासी आरोपी किशोर वर्मा उसे शादी का झांसा देकर इंदौर ले गया था। वहां आरोपी ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जिससे वह गर्भवती हो गई और बाद में उसका गर्भपात हो गया। पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपी उसे इंदौर से भोपाल ले गया और उसके साथ मारपीट भी करता था। जानकारी मिलने पर पीड़िता के पिता और भाई उसे वापस भाटापारा लेकर आए।
पुलिस ने सहायक उपनिरीक्षक पुष्पा राठौर के नेतृत्व में विवेचना पूरी कर न्यायालय में चालान पेश किया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने कड़ी सजा की मांग करते हुए सभी महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए। न्यायाधीश ने साक्ष्यों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने आरोपी को अपहरण की धारा 363 के तहत 3 वर्ष, धारा 366 के तहत 5 वर्ष और पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही विभिन्न धाराओं में अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।