कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से ठीक पहले सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा फेरबदल किया गया है। चुनाव आयोग ने बुधवार को होने वाली 142 सीटों की वोटिंग के दौरान बम धमाकों और हिंसा की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण यानी एनआईए की तैनाती का अभूतपूर्व फैसला लिया है। आयोग का यह कड़ा निर्देश राज्य के विभिन्न हिस्सों से भारी मात्रा में देसी बमों की बरामदगी और छिटपुट विस्फोटों की खबरों के बाद आया है। केंद्रीय एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य संवेदनशील मतदान केंद्रों पर किसी भी प्रकार की आतंकी या हिंसक गतिविधि को रोकना है ताकि मतदाता बिना किसी खौफ के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
टीएमसी कार्यकर्ता के घर बम मिलने से हड़कंप और पुलिस को सख्त चेतावनी
चुनावी माहौल तब और गरमा गया जब भांगर इलाके में तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता रफीकुल इस्लाम के घर से 79 जिंदा देसी बम बरामद किए गए। खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई इस छापेमारी के बाद एनआईए ने मामले की बागडोर अपने हाथों में ले ली है और विस्फोटक नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू कर दी है। इसी बीच चुनाव आयोग ने कोलकाता पुलिस कमिश्नर से लेकर थाना प्रभारियों तक को कड़ा संदेश जारी किया है कि यदि उनके क्षेत्र में विस्फोटक पाया गया तो अधिकारियों पर गाज गिरना तय है। 29 अप्रैल को होने वाले इस निर्णायक मतदान के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे जिसके लिए सुरक्षा घेरा अब तक के सबसे कड़े स्तर पर पहुंच चुका है।
