लखनऊ. उत्तर प्रदेश के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने शासन को चौंकाते हुए अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। लंबे समय से राजस्व परिषद में बिना किसी काम के अटैच रहे राही ने आरोप लगाया था कि उन्हें जनसेवा का मौका नहीं दिया जा रहा और संवैधानिक व्यवस्था के समानांतर एक अलग ही सिस्टम हावी है। उन्होंने बिना काम के वेतन लेने को अनैतिक बताते हुए पद त्यागने का फैसला किया था लेकिन अब गुपचुप तरीके से अपना इस्तीफा वापस लेकर सबको हैरान कर दिया है। चर्चा है कि शासन स्तर पर बातचीत के बाद उन्हें जल्द ही कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है जिसके चलते उन्होंने अपने कदम पीछे खींचे हैं।

सात गोलियां खाकर भी नहीं डिगे थे राही और वकीलों से विवाद पड़ा भारी
रिंकू सिंह राही उस समय सुर्खियों में आए थे जब साल 2009 में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने पर उन पर जानलेवा हमला हुआ था और उन्हें सात गोलियां लगी थीं। हाल के दिनों में शाहजहांपुर में जॉइंट मजिस्ट्रेट के पद पर रहते हुए वकीलों के साथ हुए विवाद ने उनकी मुश्किलों को बढ़ा दिया था। सार्वजनिक रूप से वकीलों के सामने उठक-बैठक करने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था जिसके बाद सरकार ने उन्हें हटाकर साइडलाइन कर दिया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वाले इस अधिकारी का इस्तीफा देना और फिर उसे वापस लेना प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
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