गरियाबंद। आदिवासी बालक आश्रम बड़े गोबरा के छात्र राघव मंडावी की मौत के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है। आश्रम प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आदिवासी समाज के लोगों ने नेशनल हाईवे 130 C पर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। प्रदर्शनकारी आश्रम अधीक्षक पर कड़ी कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम गजकन्हार निवासी राघव कुमार ग्राम भाठीगढ़ स्थित शासकीय आदिवासी बालक आश्रम में रहकर पढ़ाई कर रहा था। बताया जा रहा है कि 20 जनवरी को राघव ने तबीयत खराब होने पर आश्रम के कर्मचारियों से माता-पिता को सूचना देने की गुहार लगाई थी, लेकिन आरोप है कि उसकी बात को अनसुना कर दिया गया।
गणतंत्र दिवस पर जब छात्र के पिता फिरतु राम मंडावी आश्रम पहुंचे, तो उन्होंने अपने बेटे को बिस्तर पर बेहद कमजोर हालत में पाया। राघव ने अपने पिता को बताया कि वह कई दिनों से बीमार है और बार-बार कहने के बावजूद किसी ने घर पर सूचना नहीं दी। पिता तत्काल छुट्टी लेकर बच्चे को घर ले गए, लेकिन हालत बिगड़ने पर उसे धमतरी के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शुक्रवार तड़के 4 बजे उसकी मौत हो गई।
इकलौते बेटे को खोने वाले पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उनका कहना है कि यदि समय पर इलाज मिल जाता तो राघव की जान बच सकती थी। इस मामले में जनपद सदस्य सुकचंद धुव्र ने भी आश्रम अधीक्षक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।