फरीदाबाद। विश्वप्रसिद्ध सूरजकुंड मेले में शनिवार को हुए दो अलग-अलग हादसों ने मेले की खुशियों को मातम में बदल दिया। मेला परिसर में लगे एक झूले के टूटने से पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई, जबकि करीब आठ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इससे पहले दोपहर में मेले का दूसरा प्रवेश द्वार गिरने से एक बच्चा और एक अधेड़ घायल हो गए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एम्यूजमेंट पार्क में झूले के पास ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने झूला टूटते देख वहां खड़े लोगों को बचाने की कोशिश की। इसी दौरान झूला पहले एक तरफ झुका और फिर अचानक दूसरी ओर गिर गया। इस हादसे में झूले और प्लेटफॉर्म के बीच इंस्पेक्टर की गर्दन फंस गई, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस दुर्घटना में चार घायलों को एंबुलेंस से बीके अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें एक अन्य पुलिसकर्मी राजेश भी शामिल है। घटना की जानकारी मिलते ही फरीदाबाद के उपायुक्त आयुष सिन्हा मेला परिसर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हादसे के चश्मदीद और पास ही फूड स्टॉल लगाने वाले श्रवण कुमार ने बताया कि शनिवार शाम होने के कारण झूले के पास भारी भीड़ थी। इसी दौरान झूले का एक सिरा अचानक टूट गया, जिससे अफरातफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे।
इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद पलवल जिले के चांटहट थाने में पदस्थ थे और हाल ही में उनका तबादला पुलिस लाइन किया गया था। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के ढींगरा गांव के निवासी थे और कुछ समय पहले ही सोनीपत से स्थानांतरित होकर आए थे।
इस बड़े हादसे के बाद मेला परिसर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। स्थिति को देखते हुए शाम का मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम रद कर दिया गया। मुख्य चौपाल पर गायक नवीन पूनिया और स्टैंडअप कॉमेडियन अमित टंडन की प्रस्तुति प्रस्तावित थी, लेकिन कार्यक्रम निरस्त होने के बाद बड़ी संख्या में लोग मेला छोड़कर अपने घर लौटने लगे।