रायगढ़। छत्तीसगढ़ के बानीपाथर स्थित मंगल कार्बन प्लांट में गुरुवार को हुए भीषण हादसे के बाद पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए संयंत्र के दो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फर्नेस फटने की इस घटना में एक मासूम सहित आठ मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे, जिनका उपचार जारी है।
पीड़ित आशा बाई खड़िया की शिकायत के अनुसार, यह हादसा प्रबंधन की बड़ी लापरवाही के कारण हुआ। आरोप है कि मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा उपकरण के कार्य कराया जा रहा था। साथ ही, फर्नेस को ठंडा किए बिना ही उसका ढक्कन खोलने का निर्देश दिया गया। अत्यधिक दबाव के कारण जैसे ही ढक्कन खुला, आग की लपटें बाहर निकल आईं और वहां मौजूद मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया।
खरसिया पुलिस ने इस मामले में प्लांट के मुख्य प्रबंधक रूपेश शर्मा और प्रबंधक प्रेमसागर त्रिपाठी उर्फ दादु महाराज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने धारा 125(ए), 125(बी), 287, 288, 289 और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे में झुलसे मजदूरों की स्थिति नाजुक बनी हुई है और उन्हें बेहतर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी के लिए और कौन से अधिकारी जिम्मेदार हैं।