पूर्व विधायक मनीष कुंजाम के ठिकानों पर भी दबिश
सुकमा
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में ACB और EOW की टीम ने 12 जगह छापा मारा है। ये कार्रवाई तेंदूपत्ता बोनस फर्जीवाड़े से जुड़ी है। छापेमारी में पूर्व विधायक मनीष कुंजाम, डीएफओ ऑफिस के कर्मचारी राजशेखर पुराणिक, और लघुवनोपज समिति के कुछ प्रबंधकों के ठिकाने शामिल हैं।
इस कार्रवाई में डीएफओ कार्यालय के कर्मचारी राजशेखर पुराणिक के घर से 26 लाख 63 हजार 700 रुपये नकद जब्त किए गए। जानकारी के मुताबिक, इसी मामले में डीएफओ अशोक पटेल निलंबित किए गए थे।
क्या है पूरा मामला?
सुकमा के वन विभाग अधिकारी अशोक कुमार पटेल और उनके साथियों पर तेंदूपत्ता तोड़ने वाले मजदूरों के बोनस में बड़ा घोटाला करने का आरोप है। यह घोटाला वर्ष 2021 और 2022 के तेंदूपत्ता सीजन से जुड़ा है, जिसमें करीब 7 करोड़ रुपये की राशि संग्राहकों को दी जानी थी। अधिकारियों ने आपसी साठगांठ कर बड़ी रकम खुद रख ली और संग्राहकों तक पैसा नहीं पहुंचा।
इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (EOW/ACB) ने अशोक कुमार पटेल और अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज किया। 8 अप्रैल 2025 को एफआईआर दर्ज होने के बाद 10 अप्रैल को छापेमार कार्रवाई की गई है।
छापेमारी में कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक खातों की जानकारी और निवेश से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि डीएफओ ऑफिस के कर्मचारी राजशेखर पुराणिक के घर से 26 लाख 63 हजार 700 रुपये नगद मिले।
अशोक पटेल पर संपत्ति को लेकर भी है केस
कुछ दिन पहले ही इस घोटाले के मुख्य आरोपी अशोक कुमार पटेल के खिलाफ अनुपातहीन संपत्ति का भी मामला दर्ज किया गया था। उस दौरान भी उनके ठिकानों पर छापा मारा गया था और जांच अभी भी जारी है।