engineering placement scam : रायपुर। प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ाई पूरी कर नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। कैंपस प्लेसमेंट के दौरान निजी और बहुराष्ट्रीय कंपनियों से ऑफर लेटर मिलने के बावजूद हजारों छात्रों को जॉइनिंग नहीं दी जा रही है। महीनों तक युवाओं को इंतजार कराने के बाद अब कंपनियां ईमेल भेजकर सीधी भर्ती रद्द करने की बात कह रही हैं, जिससे छात्रों का करियर अधर में लटक गया है।
हाल ही में राज्य के विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों में आयोजित 5 से अधिक प्लेसमेंट ड्राइव्स में करीब 16 हजार विद्यार्थी शामिल हुए थे। कॉलेजों ने बड़े-बड़े दावे करते हुए लगभग 8 हजार विद्यार्थियों के चयन का ढिंढोरा पीटा, लेकिन हकीकत यह है कि एक बड़ी आबादी को नौकरी की जगह सिर्फ निराशा हाथ लगी। ऑफर लेटर हाथ में होने के कारण छात्रों ने अन्य जॉब ऑफर्स और इंटरव्यू छोड़ दिए, जिसका खामियाजा अब उन्हें बेरोजगारी के रूप में भुगतना पड़ रहा है।
आईआईटी जैसे देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान चयन के बाद नौकरी न देने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट तक कर रहे हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के तकनीकी शिक्षा विभाग और निजी कॉलेजों के पास ऐसी कंपनियों पर लगाम कसने के लिए कोई ठोस नीति नहीं है। शिक्षा विशेषज्ञों ने मांग की है कि शासन को सिर्फ प्लेसमेंट के आंकड़े जारी करने के बजाय यह भी ट्रैक करना चाहिए कि कितने छात्रों को वास्तव में नौकरी मिली। साथ ही युवाओं के साथ वादाखिलाफी करने वाली कंपनियों को भविष्य के कैंपस इंटरव्यू से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।