नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने एक लेख के जरिए सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करना गलत है। नीट विवाद पर सोनिया गांधी ने सरकार से मांग की है कि युवाओं के खिलाफ हो रही कार्रवाई को तुरंत रोका जाए और उनसे सीधे बातचीत की जाए।
छात्रों के प्रदर्शन और लाठीचार्ज का मुद्दा
सोनिया गांधी ने हाल ही में हुए संसद मार्च का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस और सुरक्षा बलों ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को दबाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि देश के युवा केवल अपनी परीक्षा प्रणाली में सुधार और सरकार से जवाबदेही मांग रहे थे। इसके जवाब में उन पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इस घटना में कई युवा घायल हुए हैं, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है।
शिक्षा के बजट और संस्थाओं पर सवाल
सोनिया गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले 12 सालों में सरकारी स्कूलों का बजट घटाया गया है। उनके अनुसार स्कूल शिक्षा में 50 प्रतिशत और उच्च शिक्षा में 33 प्रतिशत तक की कटौती की गई है। परीक्षा कराने वाली मुख्य संस्था के पास कर्मचारियों की कमी है और वह निजी कंपनियों पर निर्भर है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 12 सालों में देश में 152 बार पर्चा लीक होने की घटनाएं हुई हैं।
राहुल गांधी का भी तीखा प्रहार
दूसरी तरफ विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से प्रधानमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश के छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। राहुल गांधी ने मांग की है कि शिक्षा मंत्री को तुरंत पद से हटाया जाए, छात्रों पर बल प्रयोग करने वालों पर कार्रवाई की जाए और सरकार इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। विपक्ष के इन हमलों से अब राजनीतिक माहौल काफी गर्मा गया है।