नई दिल्ली। इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही मेघालय सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सोनम को पुलिस के सामने सरेंडर करने के लिए 3 हफ्ते की मोहलत दी है।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि आरोपी महिला को दी गई राहत को बरकरार नहीं रखा जा सकता। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि अगले 6 महीने के भीतर मामले का ट्रायल पूरा नहीं होता है, तो आरोपी दोबारा अर्जी दाखिल कर सकती है। मध्य प्रदेश की रहने वाली सोनम को पिछले साल अपने पति की हत्या के आरोप में पकड़ा गया था।
हनीमून के दौरान रची गई थी साजिश
यह पूरी घटना मई 2025 की है, जब इंदौर निवासी सोनम और उसके पति राजा रघुवंशी मेघालय के सोहरा इलाके में छुट्टियां मनाने गए थे। 23 मई 2025 को दोनों अचानक लापता हो गए थे। इसके बाद 2 जून 2025 को पुलिस ने राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद किया था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ था कि सोनम ने पैसों के लालच में भाड़े के हमलावरों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कराई थी।
सोनम रघुवंशी की जमानत पर मेघालय सरकार की दलील
मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सरकारी पक्ष ने तर्क दिया कि अपराध की प्रकृति बेहद गंभीर है और आरोपी को बाहर रखने से मामले की सुनवाई प्रभावित हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इन तर्कों को सही मानते हुए सोनम रघुवंशी की जमानत खारिज कर दी और आरोपी को 3 हफ्ते के भीतर पुलिस के सामने पेश होने का निर्देश दिया।