नई दिल्ली। इंदौर के बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर आज देश की सबसे बड़ी अदालत में सुनवाई होने जा रही है। आज यह तय हो जाएगा कि सोनम की जमानत बरकरार रहेगी या उसे वापस जेल जाना पड़ेगा। इस मामले में 21 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को आत्मसमर्पण करने का सुझाव दिया था।
अदालत ने दिए थे 2 विकल्प
पिछली सुनवाई के दौरान जजों की पीठ ने सोनम के वकील के सामने 2 मुख्य रास्ते रखे थे। पहला रास्ता यह था कि अदालत मेघालय सरकार की अर्जी पर सुनवाई करके तुरंत अंतिम आदेश जारी कर दे। दूसरा रास्ता यह दिया गया था कि सोनम पहले पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दे ताकि जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर सकें और उसके बाद सोनम रघुवंशी की जमानत पर विचार किया जाए।
अदालत ने उठाए गंभीर सवाल
इस मामले में 26 अप्रैल को मेघालय उच्च न्यायालय ने आरोपी को राहत दी थी। इसके खिलाफ राज्य सरकार ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने घटना के बाद आरोपी के बर्ताव पर कई सवाल उठाए। अदालत ने पूछा कि गिरफ्तारी के समय नियम न बताने की बात पहले क्यों नहीं उठाई गई थी।
सरकारी वकील का कड़ा विरोध
सरकार की तरफ से पैरवी कर रहे वकील ने जमानत का खुलकर विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि आरोपी ने खुद पुलिस के सामने आकर आत्मसमर्पण किया था। ऐसे में बाद में यह कहना कि उसे कारण नहीं बताए गए थे कानूनी तौर पर सही नहीं है। उन्होंने कागजी कमियों को महज एक छोटी गलती बताया और कहा कि खुद पेश होने वाला व्यक्ति तकनीकी बातों का सहारा लेकर राहत नहीं मांग सकता है।