देशभर में इन दिनों मानसून का अलग-अलग रंग देखने को मिल रहा है। अंतरिक्ष से मिली तस्वीरों के अनुसार देश के करीब सत्तर प्रतिशत हिस्से पर घने बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि पच्चीस जुलाई तक देश के साठ प्रतिशत से ज्यादा इलाकों में अच्छी बारिश हो सकती है। हालांकि इस पूरे सीजन में अब तक सामान्य से चौबीस प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे चिंताएं बढ़ गई हैं। वाराणसी और प्रयागराज में गंगा के बढ़ते पानी से घाटों की सीढ़ियां डूब चुकी हैं। काशी के कई हिस्सों में मंदिरों के अंदर तक पानी पहुंच गया है। इसके विपरीत राजस्थान के कई इलाकों में मानसून के थमने से गर्मी फिर से बढ़ गई है। राज्य के कुछ जिलों में तापमान इकतालीस डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। हालांकि मौसम विभाग ने राज्य के चौबीस जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
बांधों के गेट और रास्ते बंद
जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में लगातार हो रही बरसात के बाद सलाल बांध के सभी गेट खोलने पड़े हैं। इससे चिनाब नदी का पानी तेजी से बह रहा है और प्रशासन ने आसपास के लोगों को चेतावनी दी है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भी भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों से मलबा गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। केदारनाथ हाईवे पर रास्ता बंद होने से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन मलबा हटाने के काम में जुटा है और लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है।