भुवनेश्वर। ग्यारह सौ नौ करोड़ रुपये के बैंक ऋण घोटाले की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने एक बड़ा कदम उठाया है। सीबीआई ने गुप्ता पावर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापामारी की है। भुवनेश्वर की विशेष अदालत से वारंट मिलने के बाद ओडिशा, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और झारखंड में कंपनी के परिसरों की तलाशी ली गई है। इस कार्रवाई के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, कंपनी पर बैंकों से लोन हासिल करने के लिए वित्तीय आंकड़ों और स्टॉक की वैल्यू को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने का गंभीर आरोप है। गलत जानकारी देकर ऋण सीमा को बढ़वाया गया और फिर उस पैसे का गलत इस्तेमाल करते हुए उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। इस गैरकानूनी तरीके से सरकारी बैंकों को बहुत बड़ा वित्तीय नुकसान पहुंचाया गया है। तलाशी के दौरान भुवनेश्वर, कोलकाता, काशीपुर और तिरुवल्लूर में स्थित कार्यालयों और उत्पादन इकाइयों को खंगाला गया।
आरबीआई को दी गई थी जानकारी
सामने आया है कि इस कंपनी ने विभिन्न बैंकों के समूह से कुल उनतीस सौ करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इसमें पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया का बड़ा बकाया शामिल है। दोनों बैंकों ने वर्ष दो हजार पच्चीस में ही इन खातों को धोखाधड़ी की श्रेणी में डाल दिया था और इसकी सूचना भारतीय रिजर्व बैंक को भी दे दी गई थी। इसके अलावा राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण में भी मामला चल रहा है, और बैंक लगातार अपनी बकाया राशि वसूलने के प्रयास कर रहे हैं। सीबीआई अब इस पूरे मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।