सोनम वांगचुक के समर्थन और NEET पेपर लीक के खिलाफ छत्तीसगढ़ में उबाल, रायपुर में 5 युवा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे

Sonam Wangchuk Protest Chhattisgarh : रायपुर, 21 जुलाई 2026 : छत्तीसगढ़ में पर्यावरणविद सोनम वांगचुक के समर्थन और देशव्यापी NEET पेपर लीक घोटाले के विरोध में युवाओं और छात्र संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। राजधानी रायपुर समेत धमतरी और बीजापुर जिलों में विभिन्न छात्र व सामाजिक संगठनों ने एकजुट होकर जोरदार प्रदर्शन किया। रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर जारी धरने के दौरान NSUI के 5 कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने अपने खून से ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ लिखकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।

भूख हड़ताल करने वाले युवाओं में हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, इंडिया घृतलहरे, ड्रिंकल और सोनम शामिल हैं। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में सीधे शामिल नहीं हो सके, इसलिए रायपुर में रहकर ही सोनम वांगचुक और शिक्षा सुधारों के समर्थन में आवाज उठा रहे हैं।

धमतरी में एक दिवसीय अनशन, बीजापुर से राष्ट्रपति को भेजा पत्र
विरोध की यह आंच प्रदेश के अन्य जिलों तक भी पहुंच गई है:

धमतरी: गांधी मैदान में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने ‘सोनम वांगचुक के समर्थन में’ बैनर तले एक दिवसीय अनशन किया, जिसे शहर के प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं का व्यापक समर्थन मिला।

बीजापुर: बस्तर संभाग के आदिवासी युवा छात्र संगठन ने सोनम वांगचुक के आमरण अनशन और उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम उठाने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

“यह किसी एक की नहीं, पूरे भविष्य की लड़ाई है”
छात्रों और युवाओं का कहना है कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य, समय और आर्थिक संसाधन बर्बाद हो रहे हैं। अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, सरकार को परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही तय करनी होगी।

प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हुई पुलिस कार्रवाई की भी कड़ी निंदा की और कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी बात रखने के अधिकार का सम्मान होना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें
देशभर में पेपर लीक की घटनाओं पर कड़े कानून के तहत रोक लगाई जाए।

परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जाए।

नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जाए।

युवाओं और NSUI कार्यकर्ताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा।

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