स्पताल में भर्ती होंगे सोनम वांगचुक? आज के फैसले पर टिकी निगाहें

लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को लेकर आज देश की राजधानी में एक बहुत बड़ा घटनाक्रम होने जा रहा है। उनके आमरण अनशन का आज 19वां दिन है। लगातार इतने दिनों तक अन्न का एक भी दाना न लेने के कारण उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही है। इसी गिरते स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस बेहद महत्वपूर्ण कानूनी अर्जी पर अदालत आज विस्तृत सुनवाई करने जा रही है। इस पूरे मामले में कानून के जानकारों की नजरें टिकी हुई हैं। इसी वजह से इंटरनेट पर भी delhi high court updates को लेकर लोग लगातार ताजा जानकारियां खोज रहे हैं।

यह पूरी कानूनी लड़ाई सोनम वांगचुक को सुरक्षित रखने के लिए शुरू हुई है। दायर की गई इस विशेष याचिका में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को कुछ बेहद कड़े निर्देश देने की अपील की गई है। इसके तहत मांग की गई है कि वांगचुक को तुरंत किसी बड़े अस्पताल में भर्ती कराया जाए। इसके साथ ही अगर जरूरत पड़े तो उनकी जान बचाने के लिए उन्हें जबरन खाना या लिक्विड डाइट भी दी जाए ताकि उनके शरीर के मुख्य अंग सुरक्षित रह सकें।

नीट परीक्षा विवाद को लेकर जंतर मंतर पर डटे हैं वांगचुक

सोनम वांगचुक पिछले 28 जून से दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे एक बड़े आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। यह पूरा प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले आयोजित किया जा रहा है। वांगचुक देश में हाल ही में हुई नीट परीक्षा में सामने आई बड़ी गड़बड़ियों और धांधली के विरोध में बैठे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही वे देश की पूरी परीक्षा प्रणाली में आमूलचूल सुधार करने के लिए एक सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं।

मुख्य न्यायाधीश की बेंच करेगी सुनवाई, सरकारों से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की विशेष खंडपीठ इस संवेदनशील मामले की देखरेख कर रही है। इससे पहले बुधवार को सरकारी वकीलों की अनुपस्थिति के कारण इस मामले पर पूरी सुनवाई पूरी नहीं हो सकी थी। हालांकि अदालत ने इस मामले की गंभीरता और वांगचुक की नाजुक स्थिति को देखते हुए इसे तुरंत गुरुवार के लिए सूचीबद्ध कर दिया। अदालत ने केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार दोनों को नोटिस जारी कर इस पूरे विषय पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। आज की सुनवाई में तय होगा कि प्रशासन आगे क्या कदम उठाएगा।

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