चारामा।
चारामा के दरगाहन क्षेत्र में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। रात से ठप पड़ी बिजली आपूर्ति को बहाल करने की कोशिश में जुटे विद्युत विभाग के एक 30 वर्षीय कर्मचारी भीष्म ठाकुर करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें नाजुक हालत में प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर किया गया है। इस घटना ने विद्युत विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रात 2:00 बजे से गुल थी बत्ती, सुबह मिला फॉल्ट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 2:00 बजे चारामा और दरगाहन क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति अचानक एक बड़े फॉल्ट के कारण बंद हो गई। पूरा इलाका अंधेरे में डूब गया। सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम रात में ही फॉल्ट ढूंढने के काम में जुट गई। शनिवार सुबह करीब 8:00 बजे टीम को सफलता मिली और पता चला कि दरगाहन के सोनकर बाड़ी इलाके में विद्युत लाइन (तार) में खराबी आई है।
सुधार कार्य के दौरान अचानक दौड़ा करंट, बुरी तरह झुलसे कर्मचारी
विद्युत तार में आए फॉल्ट को ठीक करने के लिए, बालोद निवासी 30 वर्षीय नियमित विद्युत कर्मचारी भीष्म ठाकुर खंभे पर चढ़कर सुधार कार्य कर रहे थे। इसी दौरान, जब पूरी लाइन बंद थी, अचानक तारों में तेज करंट दौड़ गया। करंट इतना जोरदार था कि भीष्म ठाकुर तारों से चिपक गए।
मची चीख-पुकार: मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए किसी तरह भारी मशक्कत के बाद भीष्म की जान बचाई और उन्हें नीचे उतारा। लेकिन तब तक करंट की वजह से उनकी पीठ, दोनों घुटनों के नीचे का हिस्सा और दोनों कूल्हे बुरी तरह जल चुके थे।
प्राथमिक उपचार के बाद रायपुर रेफर
घटना के तुरंत बाद घायल कर्मचारी को चारामा के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन भीष्म ठाकुर की गंभीर और नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल रायपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल रायपुर में उनका इलाज जारी है और स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
सबसे बड़ा सवाल: जब बिजली बंद थी, तो करंट कहां से आया?
इस पूरे हादसे ने एक बड़ा यक्ष प्रश्न खड़ा कर दिया है कि जब रात 2:00 बजे से पूरे क्षेत्र की बिजली बंद थी और कर्मचारी फॉल्ट सुधार रहा था, तो अचानक तारों में करंट कहां से आ गया? क्या सबस्टेशन से बिना सूचना के बिजली चालू कर दी गई थी या फिर मामला कुछ और है?
विद्युत विभाग के अधिकारी जय गोपाल कंवर ने इस संबंध में बताया:
लाइन पूरी तरह से बंद थी, लेकिन अचानक करंट कैसे आया, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
आशंका है कि कहीं कोई दूसरा तार टूटकर इस बिजली के तार से टकराया हो, जिससे बैक-करंट आया हो।
यह पूरी तरह से जांच का विषय है। घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और इसकी विस्तृत जांच की जाएगी।
फिलहाल विभाग की प्राथमिकता घायल कर्मचारी का बेहतर इलाज करवाना और बंद बिजली को शुरू करना है।
दोपहर 1:00 बजे तक भी दरगाहन क्षेत्र में ब्लैकआउट
इस हादसे के बाद चारामा मुख्य क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था तो बहाल कर दी गई, लेकिन दरगाहन (सोनकर बाड़ी) क्षेत्र में समाचार लिखे जाने तक (दोपहर 1:00 बजे तक) बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप थी। विभाग के कर्मचारी फॉल्ट को ठीक करने और व्यवस्था को सुचारू बनाने के काम में जुटे हुए हैं, लेकिन हादसे के बाद से फील्ड स्टाफ में भी सुरक्षा को लेकर हड़कंप मचा हुआ है।
अनूप वर्मा जनधारा संवाददाता चारामा
चारामा के दरगाहन क्षेत्र में बड़ा हादसा: बिजली सुधारते समय करंट की चपेट में आया लाइनमैन, हालत गंभीर, रायपुर रेफर
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Jul