बेंगलुरु के एक डे-केयर सेंटर में मासूम बच्चों के साथ क्रूरता और बदसलूकी करने के मामले में पुलिस ने शुक्रवार को विजयलक्ष्मी नाम की महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई आरोपी वही महिला है जो सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में छोटे बच्चों को बुरी तरह प्रताड़ित करती और डराती नजर आ रही थी।
टॉयलेट में बंद किया, वॉशिंग मशीन में बिठाया
यह दिल दहला देने वाला मामला एक बड़ी आईटी कंपनी के कैंपस में बने डे-केयर सेंटर का है। सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि मासूम बच्चों को सजा देने के नाम पर टॉयलेट में बंद कर दिया जाता था। उनके चेहरे पर तेज रफ्तार पानी का पाइप यानी जेट स्प्रे चलाया गया। यही नहीं, बच्चों को डराने के लिए उन्हें वॉशिंग मशीन के अंदर तक बिठाया गया था। इस मामले में पुलिस ने पहले ही बच्चों की देखभाल करने वाली 5 महिलाओं के खिलाफ केस दर्ज किया था।
ड्यूटी के दौरान बच्चों को छोड़ते थे माता-पिता
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस डे-केयर सेंटर में आने वाले बच्चों के माता-पिता इसी कंपनी में काम करते हैं। वे अपनी ड्यूटी के दौरान बच्चों को सुरक्षित समझकर यहां छोड़ जाते थे। वीडियो सामने आने के बाद माता-पिता और पुलिस अधिकारी दोनों पूरी तरह हैरान हैं। बच्चों के साथ जिस तरह का अमानवीय व्यवहार किया गया है, उसे पुलिस ने बेहद गंभीर माना है।
जांच के घेरे में आई बड़ी कंपनी
पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस बच्चों के रख-रखाव केंद्र को कंपनी खुद चला रही थी या परिसर के अंदर किसी बाहरी एजेंसी को इसका ठेका दिया गया था। इसके साथ ही कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग के अधिकारी इस मामले में पूरी रिपोर्ट मांगकर अपने स्तर पर जांच शुरू करेंगे।
अधिकारियों को पहले से था शक
बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें लंबे समय से इस डे-केयर सेंटर में बच्चों के साथ गलत व्यवहार होने का अंदेशा था। लेकिन इस हफ्ते कुछ बेहद परेशान करने वाले वीडियो सामने आने के बाद ही इसके पुख्ता सबूत हाथ लग सके। इसके बाद तुरंत एक्शन लिया गया।
वीडियो देखकर कांप उठे माता-पिता
इस घटना का शिकार हुए बच्चों के माता-पिता अभी सीधे तौर पर सामने नहीं आए हैं। लेकिन सोशल मीडिया पर अन्य पैरेंट्स का गुस्सा और दुख फूट पड़ा है। एक मां ने लिखा कि काश यह वीडियो झूठा या किसी तकनीक से बना होता, यह सच न होता। यकीन नहीं होता कि इंसानों के बीच ऐसा भी हो सकता है। एक अन्य अभिभावक ने सवाल उठाया कि अगर बच्चा इतना छोटा है कि बोल भी नहीं सकता, तो वह अपने साथ हुई इस दरिंदगी के बारे में घर पर कैसे बताएगा।
कंपनी ने सेंटर पर लगाया ताला
मामला बढ़ने के बाद कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा उनके लिए सबसे ऊपर है। कंपनी इस मामले की जांच में पुलिस और प्रशासन का पूरा सहयोग कर रही है। बचाव के तौर पर बेंगलुरु कैंपस में बने इस ऑन-कैंपस डे-केयर सेंटर को फिलहाल अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।