वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। मलबे से शवों के मिलने का सिलसिला लगातार जारी है। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जार्ज रोड्रिगेज ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक इस आपदा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2295 हो गई है। वहीं इस हादसे में 11267 लोग घायल हुए हैं। राहत और बचाव दल अब तक 6461 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल चुका है।

राहत शिविरों में पहुंचाई जा रही मदद
प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाया जा रहा है। सरकार ने बेघर हुए लोगों के लिए 25 अस्थाई कैंप बनाए हैं। इनमें ला गुएरा में 13, काराकस में आठ, मिरांडा में दो, काराबोबो में एक और यारकुय में एक कैंप शामिल है। इन शिविरों में पीड़ितों को खाना, पानी और दवाइयां दी जा रही हैं। अधिकारी कैंपों में जरूरी सुविधाएं जुटाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।
कांप रही है धरती और सात दिन का राष्ट्रीय शोक
मुख्य भूकंप के बाद भी वेनेजुएला में धरती के कांपने का सिलसिला थमा नहीं है। मुख्य झटके के बाद अब तक 782 बार हल्के झटके महसूस किए जा चुके हैं। राहत की बात यह है कि इन बाद के झटकों की तीव्रता काफी कम थी। इस बीच वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने जान गंवाने वाले लोगों के सम्मान में देश में सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।
संकट के समय मददगार बनी भारतीय मेडिकल टीम
इस मुश्किल घड़ी में भारत की मेडिकल टीम वेनेजुएला के लोगों के लिए देवदूत बनकर सामने आई है। वहां ‘आपरेशन अमिस्ताद’ के तहत फील्ड हॉस्पिटल यानी अस्थाई अस्पताल बनाया गया है। इस अस्पताल में भारतीय डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात घायलों का इलाज कर रहे हैं। स्थानीय लोग भारतीय मेडिकल टीम के काम और उनके व्यवहार की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने साझा किया वीडियो
भारत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर इस राहत कार्य से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो साझा किए हैं। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि संकट में फंसे लोग किस तरह भारतीय अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं। पीड़ित लोग वहां मिल रही तुरंत मेडिकल मदद के लिए भारत का आभार जता रहे हैं और अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।