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रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की एंट्री से पहले मौसम का रंग बदलने लगा है। गुरुवार शाम राजधानी रायपुर में तेज आंधी के बाद बारिश हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। वहीं सरगुजा और कोरबा समेत कई जिलों में दिनभर बादल छाए रहे और दोपहर बाद अच्छी बारिश दर्ज की गई। अचानक बदले मौसम ने प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान को नीचे लाने का काम किया है। पिछले कुछ दिनों से गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली।
अगले 2 से 3 दिनों में पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो गई हैं। अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून प्रदेश के कुछ हिस्सों में प्रवेश कर सकता है।
विभाग ने शुक्रवार को भी प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।
तापमान में आई गिरावट
पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण छत्तीसगढ़ के अधिकतम तापमान में करीब 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं देखा गया।
प्रदेश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस जगदलपुर में दर्ज हुआ।
रायपुर, सरगुजा और कोरबा में राहत
रायपुर में शाम के समय चली तेज हवाओं और बारिश से मौसम सुहावना हो गया। सरगुजा और कोरबा में भी कई जगहों पर अच्छी बारिश हुई। बारिश के बाद सड़कों पर पानी भर गया और तापमान में कमी महसूस की गई।
किसानों के लिए भी यह मौसम राहत लेकर आया है। मानसून की दस्तक से पहले खेतों की तैयारी में जुटे किसानों को बारिश का इंतजार है।
दो मौसमी सिस्टम बने वजह
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और उत्तर भारत के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तंत्र तथा सक्रिय द्रोणिका के कारण प्रदेश में नमी बढ़ रही है। यही वजह है कि बारिश की गतिविधियों में तेजी देखने को मिल रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो मानसून जल्द ही छत्तीसगढ़ में प्रवेश कर सकता है और कई जिलों में नियमित बारिश का दौर शुरू हो जाएगा।