बिलासपुर, : छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में नीट परीक्षा विवाद को लेकर मचे बवाल के बाद अब पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। देशव्यापी नीट पेपर लीक मामले (NEET Paper Leak Scam) में विरोध प्रदर्शन करने बिलासपुर पहुंचे कांग्रेस और एनएसयूआई (NSUI) के दिग्गज नेताओं के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सिविल लाइन थाने में भिलाई के विधायक देवेंद्र यादव (MLA Devendra Yadav), NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़, प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय और जिला शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा समेत कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर (FIR in Bilaspur) दर्ज की गई है।
केंद्रीय मंत्री के बंगले का घेराव करने निकले थे कांग्रेसी
यह पूरा मामला 3 जून का है। नीट परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में एनएसयूआई और कांग्रेस के कार्यकर्ता एकजुट हुए थे। ये सभी कार्यकर्ता भारी नारेबाजी के साथ बिलासपुर में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू (Union Minister Tokhan Sahu) के बंगले का घेराव करने के लिए निकले थे।
पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स लगाकर मंत्री के बंगले की तरफ जाने से रोका, तो गुस्साए कांग्रेसी कलेक्ट्रेट (Bilaspur Collectorate) की ओर बढ़ गए।
रास्ता जाम और बलवे का आरोप, BNS की धाराओं में केस
बिलासपुर पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य सड़क पर भारी जाम लग गया था। इससे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई और कानून-व्यवस्था बिगड़ने जैसे हालात पैदा हो गए।
पुलिस ने आरोप लगाया है कि नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अवैध रूप से रास्ता रोका और हंगामा (Congress Protest in Bilaspur) किया। इसी को आधार बनाकर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 190, 191(2), 292 और 293 के तहत केस दर्ज किया है।
राजनीतिक गलियारों में मची हलचल
नीट पेपर लीक के विरोध में हुए इस बड़े प्रदर्शन में पूरे प्रदेश से भारी संख्या में युवा जुटे थे। अब पुलिसिया कार्रवाई और इस हाई-प्रोफाइल एफआईआर के बाद छत्तीसगढ़ के राजनीतिक गलियारों (Chhattisgarh Politics News) में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार युवाओं के हक की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे।