रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक बड़े दफ्तर में हुई लाखों रुपये की चोरी की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। सिविल लाइन इलाके में स्थित सीए तारवानी एंड एसोसिएट के दफ्तर से 7 लाख 80 हजार रुपये चोरी हो गए थे। जब पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू की और रायपुर में चोरी का खुलासा हुआ तो सभी के होश उड़ गए। चोरी करने वाला कोई बाहर का शातिर अपराधी नहीं बल्कि दफ्तर का ही एक पुराना कर्मचारी निकला। उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था।
रात के अंधेरे में कटर से काटा ताला
यह घटना 20 जुलाई की रात की है। दफ्तर में खजांची के पद पर काम करने वाली महिला कर्मचारी अपर्णा नायक ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि 21 जुलाई की सुबह जब दफ्तर का गाड़ी चालक वहां पहुंचा तो देखा कि पैसे रखने वाले बक्से का ताला टूटा हुआ है। अज्ञात चोरों ने कटर की मदद से ताला काटकर वहां रखे लाखों रुपये पार कर दिए थे। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर अपराधियों की तलाश शुरू कर दी।
कैमरे की मदद से पकड़ा गया पुराना कर्मचारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के विशेष जांच दल ने घटनास्थल का बहुत बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस ने दफ्तर और आसपास लगे निगरानी कैमरों की वीडियो रिकॉर्डिंग की अच्छी तरह जांच की। इसके साथ ही दफ्तर के मौजूदा और पुराने सभी कर्मचारियों से कड़ी पूछताछ शुरू की गई। इसी दौरान पुलिस को पूर्व कर्मचारी उमेश पोर्ते पर शक हुआ। पुलिस के दल ने तुरंत बिलासपुर जाकर उसे धर दबोचा।
पहले से पता थी बक्से में पैसे होने की बात
जब पुलिस ने उमेश से सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह पहले इस दफ्तर में काम कर चुका था और उसे अच्छी तरह पता था कि पैसे कहां रखे जाते हैं। इसी जानकारी का फायदा उठाते हुए उसने अपने साथी लक्ष्मीनारायण ध्रुव के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से चोरी किए गए पूरे 7,80,000 रुपये नकद बरामद कर लिए हैं।