Bengal TMC Crisis: ममता बनर्जी को एक और बड़ा झटका; पूर्व सांसद शांतनु सेन ने राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से दिया इस्तीफा, काकोली घोष ने भी की बगावत

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति (West Bengal Politics) से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मची रार अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को गुरुवार को उस समय एक और तगड़ा झटका लगा, जब राज्यसभा के पूर्व सांसद डॉ. शांतनु सेन ने टीएमसी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा (Shantanu Sen Resigns) दे दिया।

‘जनता ने हमें नकार दिया’ – शांतनु सेन (RG Kar Case and Cash for Job Scam)

ममता बनर्जी को भेजे अपने इस्तीफे में डॉ. शांतनु सेन ने बेहद तल्ख बातें लिखी हैं। उन्होंने लिखा, “मुश्किल मौकों पर विचारों में मतभेद के बावजूद मैंने मीडिया में हमेशा पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा। लेकिन मौजूदा हालात में जब बंगाल की जनता ने हमें नकार दिया है, तो मेरा मन अब प्रवक्ता के तौर पर काम करने को तैयार नहीं है। आरजी कर केस (RG Kar Case Kolkata) और ‘कैश फॉर जॉब’ (Cash For Job Scam Bengal) जैसे भ्रष्टाचार के मामलों की वजह से जनता का भरोसा हमसे उठ चुका है। इसलिए मैं जनता के फैसले का सम्मान करते हुए अखिल भारतीय प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे रहा हूँ।”

सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी सभी पदों से दिया इस्तीफा (West Bengal Assembly Elections 2026)

यह पूरा सियासी बवाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (Bengal Election Results) में टीएमसी की करारी हार के बाद शुरू हुआ है। राज्य की 294 सीटों में से टीएमसी सिर्फ 80 सीटों पर सिमट कर रह गई है। शांतनु सेन से ठीक एक दिन पहले बारासात से लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था।

काकोली घोष ने कल्याणी में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (CM Suvendu Adhikari) की समीक्षा बैठक में हिस्सा लेकर पहले ही बगावत के संकेत दे दिए थे। गुरुवार को उन्होंने श्रीरामपुर के टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी (Kalyan Banerjee) पर लोकसभा के भीतर ‘गाली-गलौज’ करने का गंभीर आरोप लगाया। हालांकि, कल्याण बनर्जी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘राजनीति से प्रेरित’ (Politically Motivated) बताया है। इस इस्तीफे और अंदरूनी कलह के बाद अब बंगाल में टीएमसी के भविष्य को लेकर सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

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