कोलकाता. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान खत्म होते ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। 142 सीटों पर हुए 90 फीसदी से ज्यादा के रिकॉर्ड मतदान ने सत्ता परिवर्तन के स्पष्ट संकेत दे दिए हैं। विभिन्न एग्जिट पोल के आंकड़ों पर नजर डालें तो बंगाल में बड़ा राजनीतिक उलटफेर होता दिख रहा है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सत्ता से विदाई की संभावना जताई गई है। चार प्रमुख सर्वे में से तीन ने बीजेपी को प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार सरकार बनाते दिखाया है। पी-मार्क के सर्वे के अनुसार बीजेपी को 150 से 175 सीटें मिल सकती हैं, जबकि चाणाक्या ने भी भगवा दल को 150 से 160 सीटों के साथ सत्ता के शिखर पर बैठाया है।
वोट शेयर में भी पिछड़ी टीएमसी: तीन सर्वे ने किया बीजेपी की जीत का दावा, ‘सोनार बांग्ला’ में बदलाव की लहर
ममता बनर्जी के गढ़ में इस बार सेंधमारी सिर्फ सीटों तक सीमित नहीं है, बल्कि वोट शेयर में भी बीजेपी ने कड़ी टक्कर दी है। अनुमानों के मुताबिक बीजेपी को 42.8 फीसदी वोट शेयर मिल सकता है, जो टीएमसी के 41.4 फीसदी से अधिक है। हालांकि पीपल्स पल्स के सर्वे ने टीएमसी को 178 से 189 सीटों के साथ बड़ी बढ़त दिखाई है, लेकिन मेट्राइज और अन्य पोल्स ने बीजेपी को 146 से 161 सीटें देकर बहुमत के जादुई आंकड़े 148 के पार पहुँचा दिया है। इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस और लेफ्ट गठबंधन का राज्य से सूपड़ा साफ हो चुका है। अब सबकी नजरें अंतिम परिणामों पर टिकी हैं कि क्या ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने में कामयाब होंगी या बंगाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत होगी।
