फतेहाबाद। हरियाणा के फतेहाबाद जिले का कुम्हारिया गांव एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध की भयावहता का गवाह बना है जहाँ विजय पूनिया नामक एक और युवक की जान चली गई है। यह उसी गांव की दूसरी हृदयविदारक घटना है क्योंकि इससे पहले 4 अप्रैल 2025 को अंकित जांगड़ा की भी इसी युद्ध क्षेत्र में मौत हो चुकी थी। जानकारी के अनुसार ये युवा बेहतर भविष्य और रोजगार के सुनहरे सपने लेकर रूस गए थे लेकिन आरोप है कि उन्हें वहां नौकरी का लालच देकर धोखे से फ्रंटलाइन पर युद्ध लड़ने के लिए भेज दिया गया। लगातार हो रही इन मौतों ने विदेश भेजने वाले एजेंटों के फर्जीवाड़े और वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है।
सरकार की सुस्ती पर कुमारी शैलजा का तीखा प्रहार और उच्च स्तरीय जांच की मांग
इस दुखद घटना के बाद राजनीति भी गरमा गई है और कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे को बार-बार संसद और सार्वजनिक मंचों पर उठाने के बावजूद समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए जिसका परिणाम एक और परिवार की तबाही के रूप में सामने आया है। मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने अब सरकार से इस पूरे सिंडिकेट की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही विदेश जाने वाले युवाओं के लिए एक पारदर्शी और सुरक्षित व्यवस्था बनाने की गुहार लगाई गई है ताकि भविष्य में किसी और घर का चिराग इस तरह न बुझ सके।