रायपुर। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने आम जनता को बड़ी सौगात देते हुए अचल संपत्ति की रजिस्ट्री पर लगने वाले शून्य दशमलव छह शून्य प्रतिशत उपकर को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। छत्तीसगढ़ उपकर संशोधन अधिनियम 2026 की अधिसूचना जारी होते ही यह नया नियम पूरे प्रदेश में लागू हो गया है जिससे अब जमीन और मकान की खरीदी-बिक्री के दौरान लगने वाला अतिरिक्त आर्थिक बोझ खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री ने इस फैसले को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है जिसका सीधा फायदा मध्यमवर्गीय परिवारों और किसानों को मिलेगा। इस ऐतिहासिक निर्णय से अब प्रदेश में संपत्ति का क्रय-विक्रय न केवल सस्ता होगा बल्कि रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया भी आम आदमी के लिए अधिक सुलभ और किफायती बन जाएगी।
मंत्री ओपी चौधरी ने गिनाए फायदे और करोड़ों की राहत
पंजीयन मंत्री ओपी चौधरी ने इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि विधानसभा के बजट सत्र में पारित विधेयक के बाद अब इसे जमीन पर उतार दिया गया है जिससे संपत्ति बाजार में पारदर्शिता और गति आएगी। उदाहरण के तौर पर अब एक करोड़ रुपए की संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पर नागरिकों को लगभग साठ हजार रुपए की सीधी बचत होगी जो किसी भी परिवार के लिए एक बड़ी राहत है। गौरतलब है कि साल 2023 में पिछली सरकार द्वारा शुरू किए गए इस उपकर की प्रासंगिकता अब खत्म हो चुकी थी क्योंकि इससे जुड़ी योजनाएं अब संचालित नहीं हैं। सरकार ने जनहित को राजस्व से ऊपर रखते हुए सालाना मिलने वाले करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपए के राजस्व का त्याग कर जनता को यह बड़ी राहत दी है।