इंदौर पुलिस महकमे में मातम: एसीपी के मुंशी ने सरकारी आवास में लगाई फांसी, दिल्ली पुलिस में चयन के बाद भी क्यों चुना मौत का रास्ता?

Raipur Suicide Case

मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज और विचलित कर देने वाली खबर सामने आई है। यातायात एसीपी जोन-1 के मुंशी पद पर तैनात आरक्षक अरविंद तोमर ने अपने सरकारी आवास में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत निवासी अरविंद ने वर्ष 2018 में मध्य प्रदेश पुलिस बल ज्वाइन किया था और विभाग में उनकी छवि एक कर्मठ जवान की थी। चौंकाने वाली बात यह है कि अरविंद का हाल ही में दिल्ली पुलिस में चयन हो गया था और वे अगले कुछ महीनों में नई जिम्मेदारी संभालने वाले थे। करियर में मिली इतनी बड़ी सफलता और खुशियों के बीच अचानक उनके द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम ने पुलिस विभाग और उनके सहकर्मियों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

रात को ड्यूटी से लौटे और सुबह मिली लाश: सुसाइड नोट न मिलने से गहराया रहस्य

घटनाक्रम के अनुसार आरक्षक अरविंद तोमर शुक्रवार रात करीब 10 बजे अपनी ड्यूटी खत्म कर सामान्य रूप से सरकारी आवास लौटे थे लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि यह उनकी आखिरी रात होगी। सुबह जब काफी देर तक उनके कमरे में कोई हलचल नहीं हुई तो घटना का खुलासा हुआ जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है जिससे उनकी मौत के पीछे की असली वजह अब तक एक अनसुलझी पहेली बनी हुई है। पुलिस ने घटनास्थल से अरविंद का मोबाइल फोन और अन्य निजी सामान जब्त कर लिया है ताकि तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाया जा सके कि आखिरी वक्त में वे किससे संपर्क में थे या उन्हें किस मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा था।

एडिशनल डीसीपी का बयान: हर पहलू पर जांच तेज और परिवार में कोहराम

इंदौर के एडिशनल डीसीपी सुमित केरकेट्टा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बताया कि विभाग हर संभावित एंगल से इस खुदकुशी की जांच कर रहा है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या कोई पेशेवर दबाव था या व्यक्तिगत कारणों ने अरविंद को इस हद तक मजबूर किया। अरविंद अविवाहित थे और करियर की नई ऊंचाई को छूने से ठीक पहले हुई इस त्रासदी ने उनके परिवार को झकझोर दिया है। बागपत में उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया गतिविधियों को खंगाल रही है ताकि इस दुखद मौत के पीछे छिपे सच को सामने लाया जा सके।

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