वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका ने ईरान के साथ जारी मौजूदा सीजफायर (युद्धविराम) को दो सप्ताह से अधिक बढ़ाने के लिए औपचारिक अनुरोध करने संबंधी खबरों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि सुबह कुछ गलत रिपोर्टिंग सामने आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका ने सीजफायर बढ़ाने का औपचारिक प्रस्ताव दिया है, जो पूरी तरह निराधार है।
ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी और प्रतिबंध
व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि ईरान से जुड़े समुद्री प्रतिबंध पूरी तरह लागू हैं। ये प्रतिबंध ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर प्रभावी होंगे, विशेषकर अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के क्षेत्रों में। प्रेस सचिव ने कहा कि अमेरिकी नौसेना के जहाज ओमान की खाड़ी में निरंतर गश्त कर रहे हैं और ‘सेंटकॉम’ उन जहाजों पर नाकेबंदी को सख्ती से लागू कर रहा है जो ईरानी बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं या वहां से आ रहे हैं। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरते हुए गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों के लिए नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जा रही है।
इस्लामाबाद में वार्ता के दूसरे दौर की संभावना
कैरोलिन लीविट ने संकेत दिया कि ईरान के साथ बातचीत का दूसरा दौर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हो सकता है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान इन चर्चाओं में एकमात्र मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यक्तिगत स्तर की बातचीत अगले सप्ताह पुनः प्रारंभ हो सकती है। इस बीच, पाकिस्तान का एक प्रतिनिधिमंडल ईरानी प्रशासन से चर्चा के लिए तेहरान पहुंच चुका है।
ट्रंप प्रशासन का कड़ा रुख
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कड़े शब्दों में कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मांगों को पूरा करना स्वयं ईरान के हित में है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा था कि युद्ध समाप्त होने के बेहद करीब है, लेकिन अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया है कि उसकी सेनाएं सतर्क हैं और प्रतिबंधों के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। तेहरान की ओर से भी यह पुष्टि की गई है कि वर्तमान में पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका के साथ संवाद की प्रक्रिया जारी है।