‘वर्क’ कर रहा जेब ढीली, स्वीट कॉर्नर और पान दुकानों की मांग घटी

राजकुमार मल

भाटापारा- बढ़ सकती है वर्क लगी मिठाईयों की कीमत। महंगा हो चुका है इलायची दाना। वर्क लगा पान पहले ही खरीदी की क्षमता से बाहर जा चुका है।

शादी-ब्याह का सीजन शुरू हो चला है। किराना बाजार तैयार है, तो संभावित मांग को देखते हुए स्वीट कार्नरों ने भी तैयारी चालू कर दी है लेकिन मिठाइयां बनाने और खरीदने पर अब अतिरिक्त पैसे लगाने पड़ेंगे क्योंकि चांदी के वर्क में बेतहाशा गर्मी आ चुकी है।


तूफानी तेजी

कारोबारी भाषा में सिल्वर वर्क। आम बोलचाल में चांदी का वर्क। स्वीट कॉर्नर और पैक्ड मिठाइयां बनाने वाली कंपनियों को पहली बार 100 पीस का पैकेट खरीदने पर 850 से 900 रुपए खर्च करने पड़ रहें हैं। तेजी के पूर्व यह 600 से 700 रुपए पर था। महज 5 पीस वाला पैकेट भी 15 रुपए की बढ़त के बाद 50 रुपए पर जा पहुंचा है। यह वृद्धि लगभग सभी मिठाइयों की प्रति किलो कीमत बढ़ा रही है।


सतर्क खरीदी इनकी

पैक में सिल्वर कोटेड इलायची दाना उपलब्ध करवाने वाली इकाईयों ने अब मांग के अनुरूप ही पैकिंग की रणनीति पर काम करना चालू कर दिया है। ऐसा इसलिए क्योंकि पैकिंग की कीमत बढ़ाई जाने की योजना को थोक व खुदरा बाजार में सिरे से नकार दिया था। जबकि वजन कम करके कीमत स्थिर रखने जैसी कोशिश भी बाजार ने मंजूर नहीं की।


घट गई इनकी मांग

वर्क में आई तेजी के बाद अब पान दुकानों में सिल्वर कोटेड पान पहले से ही बना कर नहीं रखे जाते। सिर्फ ऑर्डर पर देने की व्यवस्था इसलिए लागू कर दी गई है क्योंकि वर्क लगे पान की कीमत भी बढ़ गई है। फल विक्रय करने वाली संस्थानों ने तो वर्क की खरीदी पूरी तरह से बंद कर दी है। यह क्षेत्र अब जिलेटिन को सिल्वर वर्क के विकल्प के रूप में देख रहा है। उपयोग को लेकर सतर्कता इसलिए क्योंकि जिलेटिन नॉन एडिबल होते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *