दुबई। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे संयुक्त हमलों के आज 120 दिन पूरे हो गए हैं, लेकिन युद्ध थमने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस संघर्ष के बीच ईरान को एक और बड़ा झटका लगा है। ताजा खबरों के अनुसार, ईरान के इंटेलिजेंस मंत्री इस्माइल खतीब की मौत हो गई है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने खुद इसकी पुष्टि की है।
पिछले दो दिनों के भीतर ईरान ने अपने तीन सबसे प्रभावशाली रणनीतिकारों को खो दिया है। इससे पहले मंगलवार को इजराइली हवाई हमलों में सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी और बासिज अर्धसैनिक बल के प्रमुख गुलामरेजा सुलेमानी भी मारे गए थे। इन मौतों के जवाब में ईरान ने इजराइल सहित खाड़ी देशों के ऊर्जा संसाधनों और बुनियादी ढांचे पर अपने हमले काफी तेज कर दिए हैं।
ईरान की जवाबी कार्रवाई के कारण अबु धाबी में हबशान गैस प्लांट को मिसाइलों के मलबे से हुई क्षति के बाद बंद करना पड़ा है। अबु धाबी मीडिया ऑफिस के अनुसार, अधिकारी बाब ऑयलफील्ड और गैस प्लांट में हुई अन्य घटनाओं की भी जांच कर रहे हैं। हालांकि, इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन एहतियातन गैस प्लांट में कामकाज रोक दिया गया है। इसी तरह कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में भी भीषण आग लगने की खबरें आई हैं, जो कतर की अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग का मुख्य केंद्र है।
सऊदी अरब और कुवैत जैसे अरब देशों को भी बुधवार को ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोनों के बड़े हमले का सामना करना पड़ा। हालांकि, अधिकांश हवाई खतरों को बीच में ही रक्षा प्रणालियों द्वारा विफल कर दिया गया। वैश्विक ऊर्जा संकट की बढ़ती चिंताओं के बीच ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग और तेल परिवहन मार्ग पर अपनी पकड़ कमजोर नहीं करेगा। तनाव के इस स्तर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं को और गहरा कर दिया है।