8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी। अक्सर यह माना जाता है कि अगर सरकार फिटमेंट फैक्टर लागू कर देती है, तो कर्मचारियों की पूरी सैलरी दोगुनी हो जाएगी। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है, इसका जवाब न है। दरअसल, फिटमेंट फैक्टर केवल मूल वेतन पर लागू होता है, जबकि हाथ में आने वाली कुल सैलरी में कई तरह के भत्ते भी शामिल होते हैं। यही वजह है कि मूल वेतन में बड़ी बढ़ोतरी होने के बावजूद कुल सैलरी में उतनी वृद्धि नहीं दिखती।
पिछले वेतन आयोगों का रिकॉर्ड क्या कहता है
पिछले वेतन आयोगों का इतिहास भी यही सच्चाई सामने लाता है। चौथे वेतन आयोग में कर्मचारियों की कुल सैलरी में लगभग 27.60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी। पांचवें वेतन आयोग में यह बढ़ोतरी 31 प्रतिशत रही थी। छठे वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर लागू होने के बावजूद कुल सैलरी में करीब 54 प्रतिशत का इजाफा हुआ था। वहीं, 7वें वेतन आयोग में बड़ा फिटमेंट फैक्टर मिलने के बावजूद कर्मचारियों की कुल सैलरी औसतन केवल 14.29 प्रतिशत ही बढ़ी थी। इससे साफ है कि फिटमेंट फैक्टर जितना बड़ा हो, कुल सैलरी में उतनी ही वृद्धि होगी, ऐसा बिल्कुल जरूरी नहीं है।
सैलरी स्ट्रक्चर और भत्तों का पूरा गणित
इसकी सबसे बड़ी वजह सैलरी का ढांचा माना जाता है। केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी केवल मूल वेतन से नहीं बनती है। इसमें महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य कई प्रकार के भत्ते शामिल होते हैं। जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तब महंगाई भत्ता आमतौर पर शून्य से शुरू होता है, क्योंकि उसे नए मूल वेतन में मिला दिया जाता है। मकान किराया भत्ता नए मूल वेतन के आधार पर तय होता है, लेकिन कई अन्य भत्तों में तत्काल समान अनुपात में बढ़ोतरी नहीं होती है। इसी कारण कुल सैलरी की वृद्धि सीमित दायरे में ही रह जाती है।
जानकारों का क्या है अनुमान
एक अनुमानित गणना के अनुसार, अगर 8वें वेतन आयोग में अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू किए जाते हैं, तो कर्मचारियों की कुल सैलरी में लगभग 31 प्रतिशत से 58 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कर्मचारी के हाथ में आने वाली पूरी सैलरी दोगुनी हो जाएगी। हां, मूल वेतन जरूर बढ़ जाएगा, लेकिन कुल वेतन पर अन्य भत्तों का भी सीधा असर पड़ता है।
आगे क्या हो सकता है
फिलहाल, 8वें वेतन आयोग ने अपनी अंतिम सिफारिशें आधिकारिक तौर पर जारी नहीं की हैं। इसलिए फिटमेंट फैक्टर और वेतन वृद्धि को लेकर चल रही सभी गणनाएं केवल संभावित अनुमान हैं। इस पर अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा। ऐसे में सभी केंद्रीय कर्मचारियों को फिलहाल आधिकारिक घोषणा का ही इंतजार करना होगा।8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी। अक्सर यह माना जाता है कि अगर सरकार फिटमेंट फैक्टर लागू कर देती है, तो कर्मचारियों की पूरी सैलरी दोगुनी हो जाएगी। लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है, इसका जवाब न है। दरअसल, फिटमेंट फैक्टर केवल मूल वेतन पर लागू होता है, जबकि हाथ में आने वाली कुल सैलरी में कई तरह के भत्ते भी शामिल होते हैं। यही वजह है कि मूल वेतन में बड़ी बढ़ोतरी होने के बावजूद कुल सैलरी में उतनी वृद्धि नहीं दिखती।