शनिवार विशेष: शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों से मुक्ति दिलाएंगे ये अचूक उपाय

ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय और कर्मफल का देवता माना गया है। वे हर इंसान को उसके अच्छे-बुरे कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। यही वजह है कि जब भी किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या शुरू होती है, तो उसके मन में एक अनजाना डर बैठ जाता है। इस अवधि में लोगों को आर्थिक तंगी, मानसिक तनाव और काम में रुकावटों जैसी कई बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि, ज्योतिषियों का मानना है कि शनिवार का दिन शनिदेव की कृपा पाने के लिए सबसे उत्तम होता है। इस दिन कुछ विशेष मंत्रों का जाप और उपाय करने से शनिदेव का गुस्सा शांत होता है और उनके अशुभ प्रभावों में भारी कमी आती है।

शनि के प्रकोप को शांत करने वाले असरदार मंत्र
शनिवार के दिन शांत मन से नीचे दिए गए मंत्रों का जाप करने से साढ़ेसाती के दौरान मिलने वाले दुखों का पहाड़ छोटा हो जाता है:

तांत्रिक शनि मंत्र:

ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।

लाभ: इसे शनिदेव का सबसे ताकतवर बीज मंत्र माना जाता है। इसका श्रद्धापूर्वक जाप करने से मानसिक भटकाव दूर होता है और जीवन में स्थिरता आती है।

शनि मूल मंत्र:

ॐ शं शनैश्चराय नमः।

लाभ: यदि आपके पास समय की कमी है, तो इस छोटे से मंत्र का हर शनिवार 108 बार जाप करें। इससे शनिदेव की विशेष कृपा बनी रहती है।

वैदिक शनि मंत्र:

ॐ शन्नोदेवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये।संयोरभिश्रवन्तु न:।

लाभ: इस मंत्र के उच्चारण से घर की नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और अटके हुए काम बनने लगते हैं।

शनि पौराणिक मंत्र:

ॐ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्। छायामार्तण्डसंभूतं तं नमामि शनैश्चरम्।।

लाभ: सूर्य पुत्र शनिदेव की स्तुति का यह मंत्र उनके क्रोध को शांत करने के लिए अचूक माना गया है।

महामृत्युंजय मंत्र (शनि दोष निवारण हेतु):

ॐ त्रयम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुक मिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मा मृतात्।।

लाभ: शनिदेव भगवान शिव के परम भक्त हैं। इसलिए शनिवार को महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से हर तरह के कष्ट और अकाल मृत्यु का भय टल जाता है।

कष्टों से निजात पाने के लिए शनिवार के महाउपाय
अगर आप शनि की ढैय्या या साढ़ेसाती के मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, तो शनिवार को इन पारंपरिक उपायों को जरूर आजमाएं:

पीपल वृक्ष की सेवा: हर शनिवार सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें। इसके बाद पेड़ की सात बार परिक्रमा करें। ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है।

हनुमान जी की पूजा: शनिदेव ने बजरंगबली को वचन दिया था कि वे उनके भक्तों को कभी परेशान नहीं करेंगे। इसलिए शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि के सारे दोष अपने आप कमजोर पड़ जाते हैं।

शनि स्तुति का पाठ: शनिवार की शाम को शनि मंदिर जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और वहीं बैठकर ‘शनि स्तुति’ का पाठ करें। ध्यान रहे कि शनिदेव की आंखों में सीधे न देखें।

जरूरतमंदों को दान: शनिदेव को सेवा भाव पसंद है। शनिवार के दिन अपनी क्षमता के अनुसार काले तिल, साबुत उड़द की दाल, सरसों का तेल, गुड़ या काले कपड़ों का दान किसी गरीब को करें।

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