अगर सुबह उठकर आईने में देखने पर आपको अपनी आंखें बदली-बदली सी नजर आएं, पलकों में भारी सूजन दिखे या आंखों में लगातार जलन हो, तो इसे महज थकान या स्क्रीन टाइम का असर समझकर टालने की भूल बिल्कुल न करें। यह मशहूर चिकित्सा संस्थान ‘क्लीवलैंड क्लिनिक’ और ‘नेचर साइंटिफिक रिपोर्ट्स’ की रिसर्च के मुताबिक थायरॉइड बीमारी, विशेषकर थायरॉइड आई डिजीज (TED) का शुरुआती लक्षण हो सकता है।
दरअसल, शरीर में थायरॉइड की गड़बड़ी आंखों के आसपास की मांसपेशियों और टिशूज (ऊतकों) को बुरी तरह प्रभावित करती है। कई बार मरीज आंखों की समस्या लेकर डॉक्टर के पास पहुंचता है और जांच में थायरॉइड की बीमारी का पता चलता है। साइंटिफिक रिपोर्ट्स में छपी एक स्टडी के अनुसार, थायरॉइड मरीजों में आंखों की दिक्कतें बेहद आम हैं, जो उनकी लाइफ क्वालिटी को प्रभावित करती हैं।
आंखों में दिखने वाले ये 7 बड़े लक्षण:
आंखों का बाहर की ओर उभरना (Proptosis): यह थायरॉइड आई डिजीज का सबसे प्रमुख संकेत है। आंखों के पिछले हिस्से में सूजन बढ़ने के कारण आंखें सामान्य से ज्यादा बाहर निकली हुई दिखाई देने लगती हैं।
पलकों में लगातार सूजन: यदि पर्याप्त नींद लेने के बाद भी आपकी पलकें लगातार सूजी हुई या फूली हुई दिखाई देती हैं, तो इसे गंभीरता से लें। रिसर्च में इसे सबसे आम लक्षण पाया गया है।
आंखों में सूखापन या लगातार पानी आना: थायरॉइड की वजह से आंखों का मॉइस्चर प्रभावित होता है। कुछ मरीजों को आंखें बिल्कुल सूखी महसूस होती हैं, तो कुछ की आंखों से बिना वजह पानी बहता रहता है।
रोशनी से परेशानी (Photosensitivity): अगर आपको अचानक तेज धूप, मोबाइल की स्क्रीन या कमरे की लाइट में आंखें चुभने की शिकायत होने लगी है, तो यह भी थायरॉइड आई डिजीज का इशारा हो सकता है।
आंखों में दर्द और जलन: कई मरीजों को आंखों में हमेशा भारीपन महसूस होता है या ऐसा लगता है जैसे आंख में रेत के कण चले गए हों।
एक ही चीज का दो-दो दिखना (Double Vision): रिसर्च के अनुसार, करीब 29% मरीजों में डबल विजन यानी धुंधला और दो-दो दिखने की समस्या दर्ज की गई। ऐसा आंखों की मांसपेशियां कमजोर होने के कारण होता है।
आंखें पूरी तरह बंद न होना: आंखों में सूजन और उनके बाहर की तरफ उभरने के कारण कई मरीज सोते समय भी अपनी आंखें पूरी तरह बंद नहीं कर पाते हैं, जिससे कॉर्निया को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
क्या कहती है वैज्ञानिकों की रिपोर्ट?
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (NLM) में प्रकाशित इस स्टडी के निष्कर्ष बताते हैं कि आम लोगों के मुकाबले थायरॉइड से पीड़ित मरीजों में कम दिखाई देना, आंखों का सूखापन, दर्द और पानी आने जैसी समस्याएं काफी ज्यादा पाई गईं। डॉक्टरों का कहना है कि अगर आंखों में ऐसे कोई भी असहज करने वाले बदलाव दिखें, तो तुरंत थायरॉइड प्रोफाइल टेस्ट और आई स्पेशलिस्ट से संपर्क करना चाहिए।