संसद में आज परीक्षा संशोधन बिल पर संग्राम, नीट लीक पर छिड़ेगा बड़ा घमासान

नई दिल्ली : NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश में गरमाई सियासत के बीच सोमवार को संसद का सत्र बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं। केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद, मोदी सरकार आज लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने जा रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह इस बिल को सदन के पटल पर रखेंगे और इसे पारित कराने का प्रस्ताव देंगे।

इस नए विधेयक का मुख्य उद्देश्य देश में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को बहाल करना और धांधली रोकने के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लागू करना है।

विधेयक के मुख्य संशोधन और कड़े प्रावधान
प्रस्तावित कानून के जरिए 2024 के मौजूदा कानूनी ढांचे में 7 प्रमुख बदलाव किए गए हैं। इसका मकसद जांच की कमियों को दूर कर सख्त और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है:

विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट: राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को सत्र न्यायालयों को विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट के रूप में नामित करने का अधिकार मिलेगा।

दैनिक सुनवाई: इन विशेष अदालतों में मामलों की सुनवाई रोजाना आधार पर की जाएगी।

कड़ी समय-सीमा: पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के तीन महीने (90 दिन) के भीतर मुकदमों का निपटारा करना अनिवार्य होगा।

नीलेकणि की अगुवाई में हाई-लेवल टास्क फोर्स
परीक्षा तंत्र में व्यापक सुधार के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक छह सदस्यीय उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के गठन का ऐलान किया है। इंफोसिस के सह-संस्थापक और प्रसिद्ध तकनीकविद् नंदन नीलेकणि को इस समिति की कमान सौंपी गई है। यह टास्क फोर्स नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगी और भविष्य में फुल-प्रूफ परीक्षा प्रणाली तैयार करने के सुझाव देगी।

विपक्ष की नई रणनीति और सरकार पर घेराबंदी
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हालिया इस्तीफे के बाद भी विपक्षी दलों के तेवर नरम नहीं पड़े हैं। सोमवार सुबह 10 बजे राज्यसभा में विपक्ष के नेता के कार्यालय में INDIA गठबंधन के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई गई है।

विपक्ष अब सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की मांग कर रहा है:

प्रधानमंत्री का बयान: कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की शर्त है कि वे सदन की कार्यवाही तभी चलने देंगे जब पीएम मोदी NEET-UG पेपर लीक पर खुद बयान दें।

गृह मंत्री से जवाब: प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और कथित बल प्रयोग को लेकर विपक्षी नेता राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर जवाबदेही तय करने और स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

सोमवार को संसद में एक तरफ जहां सरकार इस कड़े संशोधन विधेयक के जरिए अपनी सख्त छवि पेश करने की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष प्रशासनिक विफलता और छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।

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