अनूप वर्मा,
चरमा। भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच चरमा क्षेत्र के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग ने आगामी मानसून के लिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। बारिश की पहली फुहार के साथ क्षेत्र में महा-वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष अलग-अलग योजनाओं के तहत 75 हजार से अधिक पौधे तैयार किए गए हैं। इन पौधों को ग्रामीण क्षेत्रों, वन भूमि और खाली सरकारी जमीनों पर लगाया जाएगा। साथ ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों को निःशुल्क पौधे भी वितरित किए जाएंगे।

वन विभाग चरमा से मिली जानकारी के मुताबिक “हरियाली प्रसार योजना” के तहत 50 हजार फलदार और उपयोगी पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें काजू, बादाम, सीताफल, जामुन, कटहल, अमरूद, आंवला, नींबू, मुनगा और अनार जैसे पौधे शामिल हैं। इन पौधों का मुफ्त वितरण ग्रामीणों को किया जाएगा, ताकि घरों और गांवों के आसपास हरियाली बढ़ सके और लोगों को आर्थिक लाभ भी मिल सके।

वहीं मनरेगा योजना के तहत 25 हजार बड़े और मजबूत “टॉल पौधे” तैयार किए गए हैं। इनमें सागौन, करंज, पीपल, जामुन और आंवला जैसी प्रजातियां शामिल हैं। वन विभाग का कहना है कि बड़े पौधों के जीवित रहने की संभावना ज्यादा होती है, इसलिए इन्हें वन क्षेत्रों और खाली पड़ी सरकारी जमीनों पर लगाया जाएगा।
इस बार वन विभाग ने पारंपरिक और औषधीय पौधों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया है। जंगलों में प्राकृतिक रूप से उगने वाले स्थानीय बीजों को एकत्र कर बोहर भाजी, कोलियारी भाजी, सेहरा, धनबोहार, कर्रा, भेलवा, बेर, साजा, हर्रा, बहेड़ा और देसी आम जैसी प्रजातियों के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र की जैव विविधता को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।
वन विभाग का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी और पर्यावरण संकट को देखते हुए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण बेहद जरूरी हो गया है। विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे मानसून के दौरान पौधे लगाकर उनकी देखभाल करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर और सुरक्षित पर्यावरण तैयार किया जा सके।