दिल्ली में संसद मार्च के शुरू होने से पहले ही माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प देखने को मिली है। मौके पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और भारी बैरिकेडिंग की गई है, ताकि भीड़ को आगे बढ़ने से रोका जा सके। इस मार्च में करीब 10 हजार से ज्यादा लोग शामिल होने पहुंचे हैं।
तय समय के अनुसार यह मार्च सुबह 9 बजे शुरू होना था, लेकिन रास्ते रोके जाने के कारण भारी देरी हो रही है। पुलिस का साफ कहना है कि इस मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। वहीं, प्रदर्शनकारियों के तेवर कड़े नजर आ रहे हैं और उन्होंने पुलिस के लगाए गए बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और लाठीचार्ज भी किया गया।
दूसरी तरफ, पिछले 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के लिए तीन मुख्य शर्तें रखी हैं। उनकी मांग है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक मामलों की पूरी जिम्मेदारी ले। इसके अलावा, उन्होंने कहा है कि प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल को संसद जाने की अनुमति दी जाए या फिर सांसद खुद अस्पताल आकर उनकी मांगें सुनें। इस घटनाक्रम के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।