चारामा अंचल का वीर सपूत संजय गढ़पाले देश के लिए हुआ न्योछावर, क्षेत्र में शोक की लहर

चारामा: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माओवादियों की कायराना हरकत ने एक और वीर सपूत को हमसे छीन लिया है। जिला कांकेर-नारायणपुर के सीमावर्ती क्षेत्र में डी-माइनिंग ऑपरेशन के दौरान हुए दुखद आईईडी विस्फोट में बस्तर फाइटर्स (DRG) के तीन जांबाज जवान शहीद हो गए,

जिनमें चारामा तहसील के ग्राम हाराडुला के लाडले संजय गढ़पाले भी शामिल हैं।विस्फोट में तीन जवान हुए शहीदप्राप्त जानकारी के अनुसार, आज दिनांक 02.05.2026 को थाना छोटेबेठिया क्षेत्र में सुरक्षा बलों की एक टीम एरिया डॉमिनेशन और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘डी-माइनिंग’ (आईईडी खोजने और निष्क्रिय करने) के अभियान पर निकली थी। अभियान के दौरान एक छुपाकर रखा गया आईईडी अचानक विस्फोटित हो गया, जिसकी चपेट में आकर इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कांस्टेबल कृष्णा कोमरा और कांस्टेबल संजय गढ़पाले गंभीर रूप से घायल होकर घटनास्थल पर ही वीरगति को प्राप्त हुए। एक अन्य जवान, कांस्टेबल परमानंद कोमरा घायल हैं, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।बस्तर रेंज के पुलिस

महानिरीक्षक (IG) श्री सुंदरराज पट्टिलिंगम ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जब कांकेर जिला पुलिस दल आईईडी को निष्क्रिय कर रहा था, तभी वह आकस्मिक रूप से फट गया, जिससे यह दुखद घटना हुई।कड़ी मेहनत से हासिल किया था मुकाममहज 29 वर्षीय शहीद संजय गढ़पाले का जन्म 14 फरवरी 1997 को ग्राम हाराडुला के एक कृषक परिवार में हुआ था। संजय ने प्राथमिक से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई अपने गांव हाराडुला में ही की और कॉलेज (स्नातक स्तर) की पढ़ाई चारामा से कर रहे थे। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने देश सेवा का सपना देखा और अपनी कड़ी मेहनत के दम पर वर्ष 2022 में प्रतिष्ठित ‘बस्तर फाइटर्स’ में उनका चयन हुआ। उनकी नियुक्ति 02.09.2022 को हुई

और वे डीआरजी हॉक टीम, थाना छोटेबेठिया में तैनात थे।गांव में पसरा मातमसंजय की शहादत की खबर जैसे ही उनके गृह ग्राम हाराडुला और चारामा अंचल में पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। गांव के लोग स्तब्ध हैं और उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके अंतिम दर्शन और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ रहे हैं।शहीद संजय गढ़पाले का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनकी देश के प्रति निष्ठा और समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत रहेगा।

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