चारामा: डिजिटल युग में एक तकनीकी चूक किसी के जीवन को कितना नारकीय बना सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण चारामा नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 15 में देखने को मिला है। यहाँ एक जीवित महिला, हलीमा बानो, को सरकारी दस्तावेजों में ‘मृत’ घोषित कर दिया गया है।

आलम यह है कि महिला खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों की चौखट घिस रही है, लेकिन व्यवस्था के बंद कान खुल नहीं रहे।ई-केवाईसी ने खोला लापरवाही का राजमिली जानकारी के अनुसार, हलीमा बानो (पति स्व. कादर खान) अपने तीन छोटे बच्चों— जिनकी उम्र 10 साल, 8 साल और मात्र 4 साल है— के साथ मजदूरी कर किसी तरह अपना जीवन यापन कर रही हैं। उनके पति की मृत्यु 18 दिसंबर 2022 को हुई थी। घर के मुख्य कमाऊ सदस्य के जाने के बाद हलीमा संघर्ष कर ही रही थीं कि प्रशासन की एक गलती ने उन पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया।समस्या तब शुरू हुई जब जनवरी 2024 में राशन कार्ड की ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया शुरू हुई। जैसे ही डेटा अपडेट किया गया, पोर्टल पर हलीमा बानो को ‘मृत’ दर्शा दिया गया। इसके तुरंत बाद शासन की ओर से मिलने वाला राशन बंद कर दिया गया और प्रधानमंत्री आवास योजना का पैसा भी रोक दिया गया।हैदराबाद आधार सेंटर से हुई

बड़ी चूकजांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि यह गलती स्थानीय नगर पंचायत की नहीं, बल्कि UIDAI के हैदराबाद हेडक्वार्टर की है। दरअसल, जब हलीमा के पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनाया गया, तो उसमें पत्नी का आधार नंबर भी लिंक था। हैदराबाद सेंटर के कर्मचारियों की लापरवाही से पोर्टल पर पति के साथ-साथ जीवित पत्नी को भी ‘मृत’ दर्ज कर दिया गया।तीन मासूमों के साथ संघर्षरत है माँजनवरी से राशन बंद होने के कारण हलीमा बानो और उनके तीनों बच्चों के सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है। कड़ी धूप में मजदूरी कर वह बच्चों का पेट पाल रही हैं, लेकिन सरकारी सुविधाओं से वंचित होने के कारण उनका पीएम आवास का काम भी अधूरा पड़ा है।सुधार के लिए पत्राचार जारीप्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस गंभीर त्रुटि को सुधारने के लिए हैदराबाद स्थित आधार मुख्यालय को पत्र लिखा गया है। स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मांग है कि जब तक तकनीकी सुधार नहीं होता, तब तक हलीमा बानो को ‘मैनुअल वेरिफिकेशन’ के आधार पर राशन और अन्य सुविधाएं बहाल की जाएं।रिपोर्टर: अनूप वर्मा