0एसडीएम द्वारा छापेमार कार्यवाही के बाद भी अवैध रेत माफियाओं द्वारा बेतहाशा भंडारण किया जा रहा 00 राजनैतिक व विभागीय संरक्षण के आड़ में किया जा रहा अवैध भंडारण 00 खनिज विभाग की निष्क्रियता आई सामने
0दिलीप गुप्ता सरायपाली= सरायपाली एसडीएम अनुपमा आनंद द्वारा नगर में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ कड़ी व बड़ी कार्यवाही करते हुवे 61 हाइवा व 1ट्रैक्टर ट्राली अवैध रेत भंडारण वालो पर कार्यवाही किए जाने के बाद भी रेत के अवैध भंडारण , परिवहन व खनन का अभी भी निरंतर जारी है ।

नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भारी संख्या में रेत माफियाओं द्वारा रेत का अवैध व भारी भंडारण किया गया है । इस अवैध कार्य को रोकने की जिम्मेदारी खनिज विभाग की है किंतु खनिज विभाग द्वारा इस पर किसी प्रकार की कार्यवाही किए जाने व इसे रोके जाने की कोई सूचना नहीं है । इस संबंध में विगत 25 मार्च को इस संवाददाता द्वारा समाचार प्रकाशन कर प्रशासन व खनिज विभाग का ध्यान आकर्षित कराया था

जिसके बाद सरायपाली एसडीएम द्वारा कार्यवाही करते हुवे 61 हाइवा रेत पर कार्यवाही कर जप्त किया गया पर यह सब छोटी मछलियां व छोटे व्यवसायी थे पर बड़े व्यवसायियों द्वारा राजनैतिक व अधिकारियों के संरक्षण में यह आज भी जोरो से चल रहा है । नगर में प्रतिदिन 100 से अधिक हाइवा ट्रकों द्वारा अवैध रेत परिवहन कर विभिन्न क्षेत्रों में भंडारण किया जा रहा है । सरायपाली नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में खनिज से संबंधित पदार्थों का संबंधित विभाग की निष्क्रियता के चलते ज़बरदस्त दोहन किया जा रहा है । निर्माण कार्यो की आड़ मे अवैध रूप से गिट्टी व रेत का अवैध भंडारण धड़ल्ले से किया जा रहा है। राजनैतिक संरक्षण के चलते विभाग भी कार्यवाही करने में हिचक रहे हैं । दुखद यह कि ऐसे मामलों में स्वयं राजनीति से जुड़े लोग व जिम्मेदार लोग संलग्न है । वहीं इसकी आड़ में विभिन्न क्षेत्रों जैसे पंचायतों व ठेकेदारों को फर्जी बिल भी दिए जाने की जानकारी सामने आ रही है । इस अवैध कार्य में एक पूरा चैन सिस्टम काम कर रहा है जिन्हें संरक्षण स्वयं राजनीती से जुड़े लोग ही दे व कर रहे है ।

ज्ञातव्य हो कि अनेक लोगों द्वारा अपनी खाली पड़ी जमीनों व घेरा बंद स्थानो को इन रेत माफियाओं को किराया में उपलब्ध कराया जाता है जहां भारी मात्रा में अवैध रूप से रेत व गिट्टियों को डंप किया जाता है जहां से बाद में अधिक मूल्य पर इनका विक्रय किया जाता है । नगर के बाहरी क्षेत्रों में बड़े बड़े बाउंड्री वाल बनाकर उनमें डंप किया गया है । अर्जुन्डॉ , कुटेला , नवापाली मार्ग के साथ ही नगर के बाहरी इलाको में इस तरह अनेक स्थानों में अवैध रेत भंडारण दिखाई दे जायेंगे । इसी तरह बोन्दा नवापाली मार्ग पर भी भारी संख्या में रेत व गिट्टियों का अवैध भंडारण कर विक्रय किये जाने की जानकारी मिल रही है। ज्ञातव्य हो की इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा गंभीरता से लेते हुवे पूर्व में ही कड़ी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं ।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि राजस्व क्षति व अवैध गतिविधियों से जुड़े किसी भी मामले में कोई नरमी नही बरती जाएगी ।इसके साथ ही खनिज सचिव पी दयानंद द्वारा सभी कलेक्टरों के साथ वर्चुयल बैठक कर दो टुक में कहा है कि निर्देशों का कड़ाई से पालन करते हुवे रेत के अवैध खनन , परिवहन व भंडारण के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने का निर्देश दिया गया है । साथ ही कहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के पालन में कोताही व लापरवाही बरतने वाले कलेक्टरो के क्षेत्रों में केंद्रीय उड़न दस्ता व ड्रोन सर्वे के बाद अवैध खनन के साक्ष्य पाए जाने पर इसके लिए संबंधित कलेक्टर व खनिज अधिकारी जिम्मेदार होंगे । सरायपाली क्षेत्र में मुख्यमंत्री के कड़े नाराजगी व प्रमुख सचिव के स्पष्ट निर्देशों व चेतावनी के बाद कलेक्टर , जिला खनिज अधिकारी व स्थानीय प्रशासन इस पर कितना गंभीरता पूर्वक कार्यवाही करता है यह आने वाला समय बताएगा ।जिला प्रशासन को इस शिकायत को जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिकोण से गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्यवाही करने की अपेक्षाएं भी अब बढ़ गई है ।इस संबंध में प्रमुख खनिज सचिव पी दयानंद , कलेक्टर महासमुंद v जिला खनिज अधिकारी को मेल व अन्य माध्यम से शिकायत के अवैध रेत भंडारण व रेत माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है ।