सक्ती/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए बॉयलर विस्फोट ने भारी तबाही मचाई है। इस हृदयविदारक हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की संख्या अब बढ़कर 13 हो गई है। रायगढ़ के अस्पताल में उपचार के दौरान तीन और श्रमिकों ने दम तोड़ दिया। घटना में दो दर्जन से अधिक मजदूर घायल हैं, जिनमें से कई की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया आंखों देखा हाल
हादसे के समय मौके पर मौजूद पश्चिम बंगाल निवासी मजदूर अजीत दास कर ने उस खौफनाक मंजर की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब ढाई बजे जब मजदूर लंच के बाद काम पर लौटे थे, तभी अचानक जोरदार धमाका हुआ। धमाका इतना भीषण था कि चारों ओर धुआं और आग फैल गई। अजीत के अनुसार, वे करीब 17 मीटर की ऊंचाई पर पेंटिंग का काम कर रहे थे। उन्होंने अलमारी के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई, लेकिन उनके कई साथी आग और मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के वक्त वहां करीब 40 से 50 मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से अधिकांश पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं।
प्रधानमंत्री ने जताया दुख, सहायता राशि की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
राज्य सरकार ने दिए जांच के आदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की सहायता राशि का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने बिलासपुर कमिश्नर को हादसे की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को सभी घायलों का निःशुल्क और बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
रेस्क्यू और उपचार जारी
हादसे के बाद से ही राहत कार्य जारी है। गंभीर रूप से झुलसे मजदूरों का इलाज रायगढ़ के ओपी जिंदल फोर्टिस सहित अन्य अस्पतालों में चल रहा है। प्लांट प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, घटना के कारणों और प्रभावितों की सटीक जानकारी जुटाने के प्रयास किए जा रहे हैं।