बलौदा बाजार –
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में बलौदा बाजार नगर के कुर्मी स्थित सामुदायिक भवन में प्रमुख जन गोष्ठी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख जन एवं मातृशक्तियां को आमंत्रित किया गया था। जहां संघ के विचार, कार्यपद्धति और आगामी संकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ प्रांत के संघचालक टोपलाल वर्मा थे जबकि अध्यक्षता जिला संघचालक गणेश देवांगन ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के छाया चित्र पर पुष्पार्पण कर किया गया। साथ ही कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए जिला कार्यवाह शालीन साहू ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला वहीं जिला संघ चालक गणेश देवांगन ने अपनी अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा की हम सामाज जीवन के सभी उपस्थित जन अपने अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर ही रहे हैं तभी सामाज और राष्ट्र सुचारू रूप से चल रहा हैं। संघ इन सभी कार्यों के बीच एक समन्वय सेतु स्थापित करने के प्रयास में लगा हैं ताकि हम सबके के सामुहिक यत्न से विश्व के कल्याण के लिए यह राष्ट्र को पुनः परम वैभव सम्पन्न बन सके।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता टोपलाल वर्मा ने अपने संबोधन में संघ की 100 वर्षों की यात्रा, उसके मूल उद्देश्य और वर्तमान भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन स्थापित संघ आज विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बन चुकी है, जिसका मूल आधार व्यक्ति निर्माण और समाज संगठन है। उन्होंने कहा कि संघ को समझने के लिए उसके संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन और विचारों को जानना आवश्यक है, जिन्होंने राष्ट्र को संगठित करने का सपना देखा था। वर्मा ने कहा कि संघ की शाखा पद्धति के माध्यम से सामान्य व्यक्ति में अनुशासन, सेवा, राष्ट्रभक्ति और समर्पण जैसे गुणों का विकास किया जाता है। यही कारण है कि संघ के स्वयंसेवक हर परिस्थिति में समाज के लिए तत्पर रहते हैं, चाहे वह आपदा का समय हो या सामाजिक सेवा का कोई कार्य। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देशभर में हजारों सेवा कार्य संघ के माध्यम से संचालित हो रहे हैं, जिनमें स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वावलंबन प्रमुख हैं।अपने उद्बोधन में उन्होंने शताब्दी वर्ष के अवसर पर निर्धारित ‘पंच परिवर्तन’ के विषयों का भी उल्लेख किया। इनमें सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्व-आधारित जीवन और नागरिक कर्तव्यबोध शामिल हैं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि इन पांच विषयों को जीवन में अपनाकर एक सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के व्यवस्थित संचालन में सहयोगियों का तथा उपस्थित जनों का आभार कार्यक्रम संयोजक दीपक पटेल ने किया तथा कार्यक्रम के अंत में वन्देमातरम् के सामुहिक गान के साथ कार्यक्रम विराम किया। इस अवसर पर बलौदा बाजार जिले के जीवन के सैकड़ों से अधिक क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख जन एवं मातृशक्तियां बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।उक्त जानकारी कार्यक्रम के सह संयोजक रूद्र कुमार चंद्रवंशी ने दी।