सूने मकानों में चोरी करने वाला MR गिरफ्तार; कर्ज के चक्कर में बना चोर, 32 लाख का माल जब्त

रमेश गुप्ता

भिलाई : दुर्ग पुलिस ने भिलाई और दुर्ग के सूने मकानों में लगातार हो रही चोरियों का बड़ा खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 32 लाख रुपये का माल (मशरूका), दो कारें और एक स्कूटी बरामद की गई है। मुख्य आरोपी एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) है, जिसने ऑनलाइन लोन ऐप के कर्ज से परेशान होकर चोरी का रास्ता चुना था।

नाकेबंदी के दौरान संदिग्ध कार से मिला सुराग

लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक व पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष अभियान चलाया जा रहा था। कई दिनों तक रातभर पेट्रोलिंग, सघन नाकेबंदी, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण, तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस काम कर रही थी।

10 जुलाई की रात थाना प्रभारी प्रमोद रुशिया अपनी टीम के साथ नियमित पेट्रोलिंग और नाकेबंदी कर रहे थे। इसी दौरान एक सफेद रंग की इंडिगो कार संदिग्ध हालत में दिखाई दी। पुलिस ने वाहन को रोकने का इशारा किया तो चालक भागने लगा, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया।

तलाशी लेने पर कार के अंदर से दो एलईडी टीवी, एक डीवीआर, सब्बल, पेचकस और स्क्रूड्राइवर बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी पहले तो पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद उन्होंने सिलसिलेवार चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

60-70 हजार की नौकरी छोड़ कर्ज के चक्कर में बना चोर

जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अनुराग मिश्रा वर्ष 2011 से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) के रूप में कार्य कर रहा था और हर महीने लगभग 60 से 70 हजार रुपये कमाता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने विभिन्न ऑनलाइन लोन ऐप से भारी ऋण ले लिया था। ब्याज और बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण वह कर्ज के दलदल में डूब गया। इसके बाद उसने आसान पैसा कमाने के लिए चोरी का रास्ता चुन लिया। फिलहाल पुलिस उसके इस बयान की भी जांच कर रही है।

एमआर होने के कारण अनुराग को कॉलोनियों और रहवासी इलाकों की अच्छी जानकारी थी। वह पहले कई दिनों तक सूने मकानों की रेकी करता था। जब यह सुनिश्चित हो जाता कि घर में कोई नहीं है, तब देर रात सब्बल और अन्य औजारों की मदद से ताला तोड़कर अंदर घुसता था और सोने-चांदी के जेवर, इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित कीमती वस्तुएं पार कर देता था।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चोरी के अधिकांश सोने के आभूषण वह अलग-अलग फाइनेंस कंपनियों में गिरवी रख देता था। इसके बदले मिलने वाली रकम का निवेश करता था और निजी खर्च में इस्तेमाल करता था। चोरी की रकम का कुछ हिस्सा उसने अपने साथी तुषार मिश्रा के बैंक खाते में भी ट्रांसफर किया था ताकि किसी को संदेह न हो। पुलिस ने वैधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए मुथूट फाइनेंस (पावर हाउस एवं कुम्हारी), आईआईएफएल फाइनेंस और बजाज गोल्ड फाइनेंस से गिरवी रखे गए सभी आभूषण बरामद कर लिए हैं।

8 वारदातों का खुलासा, 32 लाख का माल और गाड़ियां जब्त

आरोपियों ने प्रारंभिक जांच के दौरान 8 मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इनमें मोहन नगर थाना क्षेत्र की साकेत कॉलोनी तथा पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र के मधुबन नगर, विराट नगर, सुंदर नगर, जगदीश विहार धनोरा सहित अन्य स्थानों पर हुई चोरी और चोरी के प्रयास की घटनाएं शामिल हैं।

पुलिस द्वारा बरामद किया गया सामान:

  • लगभग 168 ग्राम सोने के आभूषण (कीमत लगभग 25 लाख रुपये)
  • 150 ग्राम चांदी के आभूषण
  • दो एलईडी टीवी और एक डीवीआर
  • चोरी में प्रयुक्त सब्बल, पेचकस एवं स्क्रूड्राइवर
  • एक इंडिगो कार, एक फोर्ड इकोस्पोर्ट कार और एक एक्सेस स्कूटी (जब्त संपत्ति और वाहनों की कुल अनुमानित कीमत करीब 32 लाख रुपये आंकी गई है)

गिरफ्तार किए गए आरोपी:

  1. अनुराग मिश्रा (41 वर्ष), निवासी- हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जामुल (मुख्य आरोपी)
  2. तुषार मिश्रा (40 वर्ष), निवासी- कैलाश नगर (जिसके बैंक खाते में चोरी की रकम ट्रांसफर की गई थी)

पत्रकार वार्ता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर, सीएसपी दुर्ग हर्षित मेहरा, सीएसपी भिलाई नगर सत्य प्रकाश तिवारी, थाना प्रभारी प्रमोद रुशिया तथा थाना प्रभारी राजकुमार लहरे उपस्थित रहे। पूरे अभियान में उप निरीक्षक मनोज बाजपेयी, आरक्षक आकाश, ओमप्रकाश, सर्वेश प्रजापति, जीत नारायण यादव, जमालुद्दीन, दिनेश राजपूत सहित रात्रिकालीन पेट्रोलिंग और नाकेबंदी में तैनात समस्त टीम की वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहना की है।

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