सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में राजस्व कार्यों में लापरवाही और शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी पद्मिनी भोई साहू ने सख्त रुख अपनाया है। 10 जुलाई को एक ही दिन में की गई बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई के तहत 8 तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जबकि जनशिकायतों और विभागीय जांच में दोषी पाए गए एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। कलेक्टर की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है।
राजस्व कार्यों में लापरवाही पर 8 तहसीलदारों से मांगा जवाब
कलेक्टर ने समय-सीमा (टीएल) बैठक में दिए गए निर्देशों का पालन नहीं करने, राजस्व प्रकरणों के निराकरण में धीमी प्रगति तथा एग्रीस्टेक पोर्टल पर धान खरीदी से जुड़े किसान पंजीयन कार्य में संतोषजनक प्रदर्शन नहीं होने पर आठ तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी अधिकारियों को तीन दिन के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिन कार्यों में लापरवाही पाई गई, उनमें बटांकन, नक्शा विहीन गांवों का सत्यापन, वन ग्राम से घोषित राजस्व ग्रामों के नक्शों का निर्माण एवं अद्यतन, भू-अभिलेख सर्वेक्षण तथा अन्य राजस्व कार्य शामिल हैं।
इन तहसीलदारों पर गिरी गाज: कार्रवाई की जद में आए अधिकारियों में कोसीर उप तहसील के तहसीलदार शनि कुमार पैकरा, सारंगढ़ के खोमन लाल ध्रुव एवं सहायक नंदकिशोर सिन्हा, सरसीवा के मोहन साहू, भटगांव की नीलिमा अग्रवाल, बरमकेला के पुष्पेंद्र राज, बिलाईगढ़ के कमलेश सिदार तथा सरिया की कोमल साहू शामिल हैं।
सुशासन तिहार की शिकायत बनी कार्रवाई का आधार
इसी क्रम में कलेक्टर ने सरिया तहसील के पटवारी वीरेंद्र सिंह राजपूत को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई ग्राम पुजेरीपाली में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान मिली शिकायतों और विभागीय जांच के आधार पर की गई।
ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि पटवारी अपने हल्के में नियमित रूप से उपस्थित नहीं रहते, फोन रिसीव नहीं करते और आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्यों में अनावश्यक देरी करते हैं। जांच में शिकायतें सही पाए जाने पर कार्रवाई की गई।
पहले भी दिए गए थे नोटिस, फिर भी नहीं सुधरा कामकाज: जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित पटवारी को तहसीलदार द्वारा विभिन्न विभागीय कार्यों में लापरवाही को लेकर दो बार कारण बताओ नोटिस जारी किए जा चुके थे। इसके बावजूद कार्यशैली में सुधार नहीं आया। विशेष रूप से नक्शा बटांकन सहित सौंपे गए राजस्व कार्यों में लगातार उपेक्षा पाए जाने पर कलेक्टर ने निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान पटवारी वीरेंद्र सिंह राजपूत का मुख्यालय तहसील कार्यालय बरमकेला निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।
लगातार लंबित राजस्व प्रकरणों और शासन की प्राथमिकता वाले कार्यों में ढिलाई पर कलेक्टर की इस सख्त कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। एक ही दिन में 8 तहसीलदारों को नोटिस और एक पटवारी के निलंबन से जिले के राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक हलकों में इसे स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि शासन की योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।