सुशासन तिहार के तहत जन समस्या निवारण शिविर 1 मई से 10 जून तक विशेष अभियान

गांव-गांव पहुंचेगा प्रशासन-मौके पर किया जाएगा यथासंभव समाधान

कोरिया, 28 अप्रैल, 2026/ सुशासन तिहार के तहत जिले में आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘जन समस्या निवारण शिविर-2026’ आयोजित करने का आदेश जारी किया गया है। यह अभियान 1 मई 2026 से 10 जून 2026 तक संचालित होगा।

कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में जिला, अनुविभाग और विकासखण्ड स्तर पर नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो शिविरों के सफल संचालन और शिकायतों के निराकरण की जिम्मेदारी निभाएंगे। इस अभियान के तहत बैकुण्ठपुर और सोनहत विकासखण्ड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्धारित तिथियों पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। 5 मई से शुरू होकर 9 जून तक चलने वाले इन शिविरों में ग्रामीणों की समस्याएं सीधे सुनी जाएंगी और उनका समाधान मौके पर ही करने का प्रयास किया जाएगा।

मौके पर आवेदनों का होगा यथासंभव समाधान
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि शिविरों के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाई जाए तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ भी तत्काल प्रदान किया जाए। शिविर में प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर निराकरण किया जाएगा, जबकि शेष मामलों को संबंधित विभागों के समन्वय से अधिकतम एक माह के भीतर सुलझाया जाएगा।

इसके अलावा प्रत्येक आवेदन का रिकॉर्ड संधारित करने और आवेदकों को उनके आवेदन की स्थिति से अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। सभी विभागीय अधिकारियों को शिविर स्थल पर अपनी सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सामग्री वितरण सुनिश्चित करने को कहा गया है।

निर्धारित शिविर स्थल एवं तिथि
बैकुण्ठपुर और सोनहत विकासखण्ड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। 05 मई को सोस, 08 मई उज्ञांव, 12 मई बचरा, 15 मई पोड़ी, 19 मई करजी, 22 मई कुशहा, 26 मई फुलपुर, 29 मई लटमा, 02 जून सलका, 05 जून बुढ़ार, 09 जून तरगवां में आयोजित की जाएगी। इन शिविरों में आसपास के कई ग्राम पंचायतों को क्लस्टर के रूप में शामिल किया गया है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके।

विभागवार जिम्मेदारियां निर्धारित
1 मई 2026 से 10 जून 2026 तक विभिन्न शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविर स्थलों पर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट दायित्व सौंपे गए हैं। साथ ही, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बैकुण्ठपुर एवं सोनहत के समन्वय में जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को संपूर्ण व्यवस्था का संचालन करने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन ने शिविरों में आने वाले आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।।शिविर स्थल पर टेंट, लाइट एवं साउंड सिस्टम की समुचित व्यवस्था जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, मीडिया एवं आम जनता के लिए बैठक व्यवस्था, शिकायत दर्ज करने हेतु पंजीकरण काउंटर की स्थापना, व्यापक प्रचार-प्रसार, मुनादी एवं दीवार लेखन, पेयजल के लिए टैंकर की व्यवस्था, प्राथमिक उपचार एवं लू से राहत के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना, जनजागरूकता के लिए कलाजत्था (सांस्कृतिक कार्यक्रम) का आयोजन विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की जानकारी हेतु स्टॉल लगाना एवं क्लस्टर में शामिल ग्राम पंचायतों की आधारभूत जानकारी उपलब्ध कराना शामिल है। खाद्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत विभाग, आदिवासी विकास विभाग सहित सभी विभाग प्रमुखों को शिविरों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी शिविर नोडल प्रभारी अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्र में व्यवस्थाओं की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सभी जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए स्पष्ट निर्देश
प्रत्येक अधिकारी की शिविर में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित होगी, प्राप्त आवेदनों की स्थिति एवं निराकरण की जानकारी स्वयं पढ़कर सुनानी होगी, समन्वय और जवाबदेही पर जोर दी गई है। आदेश में कहा गया है कि सभी पदाधिकारी संबंधित खण्ड स्तरीय नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करेंगे। शिविरों को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने जवाबदेही और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया है।

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