नई दिल्ली। NEET UG 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने शनिवार रात भी जंतर-मंतर पर ही बिताई और रविवार सुबह फिर आंदोलन जारी रखा।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। रविवार सुबह प्रदर्शन के दौरान कुछ लोग जंतर-मंतर पर क्रिकेट खेलते भी नजर आए। अभिजीत दीपके ने छात्रों से अपील की कि जो अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, वे परीक्षा के बाद आंदोलन में शामिल होकर अपनी आवाज उठाएं।
आंदोलन को मिला सोनम वांगचुक का समर्थन
शनिवार को प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी जंतर-मंतर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह 27 जून से अनशन शुरू करेंगे।
प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि NEET पेपर लीक मामले ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
CJP की शुरुआत कैसे हुई?
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में हुई थी। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक न्यायिक टिप्पणी के बाद इस मंच का गठन किया था। इसके बाद सोशल मीडिया के जरिए संगठन ने अपनी पहचान बनाई और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाना शुरू किया।
CJP का दावा है कि उसने पिछले 15 दिनों में देश के कई शहरों में प्रदर्शन और जनजागरण अभियान चलाए हैं। संगठन का कहना है कि NEET पेपर लीक मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। वहीं, देशभर में लाखों छात्र और अभिभावक इस पूरे मामले पर सरकार और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।