रायपुर। छत्तीसगढ़ की नौकरशाही में लंबे समय से जिस पदोन्नति आदेश का इंतजार किया जा रहा था, वह आखिरकार जारी हो गया है। राज्य सरकार ने एक साथ 83 राज्य प्रशासनिक सेवा (एसएएस) अधिकारियों को पदोन्नति देकर प्रशासनिक तंत्र में बड़ा बदलाव का संकेत दिया है। इस फैसले के बाद मंत्रालय से लेकर जिला मुख्यालयों तक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि प्रमोशन के साथ अब नई जिम्मेदारियों और संभावित प्रशासनिक फेरबदल की तस्वीर भी बनने लगी है।
जारी आदेश के तहत बड़ी संख्या में डिप्टी कलेक्टरों को ज्वाइंट कलेक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया है, जबकि ज्वाइंट कलेक्टर के रूप में कार्यरत अधिकारियों को एडिशनल कलेक्टर के पद पर उन्नयन मिला है। लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे अधिकारियों के लिए यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है। कई अधिकारी वर्षों से उच्च स्तर की जिम्मेदारियां निभा रहे थे, लेकिन उन्हें पद और वेतनमान के अनुरूप लाभ नहीं मिल पा रहा था। ऐसे में यह आदेश उनके प्रशासनिक और वित्तीय दोनों भविष्य को प्रभावित करेगा।
सरकार द्वारा जारी पदोन्नति आदेश के अनुसार अधिकारियों को वेतन मैट्रिक्स के लेवल-12 से लेवल-13 तथा लेवल-13 से लेवल-14 में उन्नयन दिया गया है। इसका सीधा लाभ वेतन, भत्तों, वरिष्ठता और भविष्य में मिलने वाली पदोन्नतियों के रूप में दिखाई देगा। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को केवल नियमित प्रक्रिया नहीं बल्कि अधिकारियों के कैरियर को नई गति देने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि प्रमोशन के साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था के सामने एक नई चुनौती भी खड़ी हो गई है। एक साथ 83 अधिकारियों के पदोन्नत होने के बाद उनके अनुरूप पदों पर पदस्थापना सुनिश्चित करना सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा। कई जिलों और विभागों में वर्तमान जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास लगभग तय माना जा रहा है। यही वजह है कि अब नौकरशाही की निगाहें सरकार के अगले आदेश पर टिक गई हैं।