पुणे का केतन अग्रवाल हत्याकांड: आरोपी सिया और चेतन की पुलिस कस्टडी 5 दिन बढ़ी, सच उगलवाने के लिए किले में डमी से रीक्रिएट किया गया क्राइम सीन

पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। कोर्ट ने मामले के दोनों मुख्य आरोपियों की पुलिस हिरासत और पांच दिनों के लिए बढ़ा दी है। शुरुआती पूछताछ खत्म होने के बाद आरोपी सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को 29 जून को दूसरी बार वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया गया था। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए कोर्ट से और समय मांगा था, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। इन दोनों को पुलिस ने बीते 23 जून को गिरफ्तार किया था।

पासपोर्ट के जले हुए टुकड़े ढूंढ रही है पुलिस

जांच अधिकारियों ने कोर्ट में कस्टडी बढ़ाने के पीछे कई अहम वजहें बताईं। पुलिस का कहना है कि इस हत्याकांड से जुड़े कई राज अभी खुलने बाकी हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सिया ने सबूत मिटाने के लिए केतन का पासपोर्ट फाड़कर जला दिया था। पुलिस अब उस जगह से पासपोर्ट के बचे हुए टुकड़े और राख बरामद करने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करना भी बाकी है।

खून से सने कपड़े बदले, फोन कॉल खंगाल रही पुलिस

पुलिस को तफ्तीश में पता चला है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चेतन चौधरी ने अपने कपड़े बदल लिए थे। पुलिस अब उन कपड़ों को बरामद करने का प्रयास कर रही है ताकि फॉरेंसिक जांच कराई जा सके। इसके अलावा हत्या करने के बाद दोनों आरोपियों के बीच फोन पर क्या-क्या बातचीत हुई थी, पुलिस उसकी भी पूरी डिटेल निकाल रही है। दोनों के कॉल रिकॉर्ड्स से कई नए खुलासे होने की उम्मीद है।

लोहागढ़ किले में डमी के साथ दोहराया गया पूरा घटनाक्रम

कोर्ट में पेशी से ठीक एक दिन पहले, यानी 28 जून को पुलिस दोनों आरोपियों को लोहागढ़ किले लेकर गई थी। वहां पुलिस ने पूरे घटनाक्रम को वैसे ही दोहराया जैसा उस दिन हुआ था। इस पूरी कार्रवाई को बिना किसी बाधा के पूरा करने के लिए किले को आम जनता के लिए कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया था। पुलिस ने यह समझने के लिए एक पुतले का इस्तेमाल किया कि केतन को किस तरह से और कहां से नीचे फेंका गया था या उसकी जान ली गई थी। पुलिस अब इस नए रिमांड के दौरान सारे सबूतों को एक कतार में जोड़ने की कोशिश करेगी।

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